बैठे-बैठे लो रफ्तार का मजा!, मुंबई-नई दिल्ली के बीच चलेगी ‘वंदे भारत एक्सप्रेस’

रेल यात्रियों को जल्द ही बैठे-बैठे रफ्तार का मजा मिलेगा। देश की दूसरी स्वदेशी ट्रेन ‘वंदे भारत’ चेन्नई के आइसीएफ कोच पैâक्ट्री में लगभग बनकर तैयार हो चुकी है। रेलवे के अधिकारियों की मानें तो ‘वंदे भारत’ ट्रेन को दिल्ली से मुंबई के बीच चलाने की योजना रेलवे बोर्ड बना रही है। योजना के अनुसार सब कुछ ठीक रहा तो दिल्ली से मुंबई के बीच सफर करनेवाले यात्री आनेवाले दिनों में बैठे-बैठे रफ्तार का मजा लेंगे क्योंकि ‘वंदे भारत’ ट्रेन चेयर कार होगी। हालांकि सफर के दौरान यात्रियों को बैठे-बैठे बोरियत न हो इसलिए इस ट्रेन में इंफोटेनमेंट सहित खान-पान के उपयुक्त इंतजाम हो सके इसलिए ट्रेन के कोच को इसी हिसाब से डिजाइन भी किया गया है।
बता दें कि रेलवे ने यह पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि ‘वंदे भारत’ ट्रेन राजधानी एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों की जगह लेगी। लंबी दूरी के सफर के लिए आईसीएफ में टी-२१ ट्रेन का काम प्रगति पर है, जिसमें सभी श्रेणी के यात्रियों के सफर करने की व्यवस्था रहेगी। हालांकि जहां तक बात ‘वंदे भारत’ ट्रेन की है तो इस ट्रेन को फिलहाल दिल्ली से मुंबई रूट पर चलाने की योजना पर रेलवे बोर्ड काम कर रहा है। अधिकारी का कहना है कि दिल्ली-मुंबई रूट पर सेमी हाईस्पीड ट्रेन चलाने का कार्य प्रगति पर है। अधिकारी के अनुसार मुंबई से दिल्ली के बीच की दूरी १३५८ किमी है। इस दूरी को राजधानी एक्सप्रेस १६ घंटे ५ मिनट में तय करती है लेकिन ‘वंदे भारत’ ट्रेन इस दूरी को १२ घंटे में तय करेगी। ‘वंदे भारत’ ट्रेन में चेयर कार की व्यवस्था है, ऐसे में दिल्ली से मुंबई के बीच कम स्टेशनों पर हॉल्ट दिया जाएगा। अमूमन राजधानी एक्सप्रेस १३० किमी की रफ्तार से चलती है इतनी ही रफ्तार ‘वंदे भारत’ ट्रेन की भी है लेकिन इसकी एक खासियत ये है कि ये ट्रेन तेजी से रफ्तार पकड़ने और कम समय में रुकने की विशेषता के लिए जानी जाती है। रेलवे बोर्ड सूत्रों का कहना है कि ‘वंदे भारत’ ट्रेन को दिन में चला पाना संभव नहीं है क्योंकि उपनगरीय रेलवे मार्गों पर दिन के समय काफी परेशानी आएगी इसलिए राजधानी के टाइम टेबल पर चलाने की योजना पर विचार किया जा रहा है। अधिकारी का कहना है कि दिल्ली-मुंबई रूट पर मवेशी पटरी पर आ जाते हैं। ‘वंदे भारत’ ट्रेन मवेशियों का शिकार हो चुकी है, ऐसे में मवेशियों से बचने और ट्रेन को कम हानि हो इसलिए ट्रेन के आगे वैâटल गार्ड भी लगाया गया है।