बॉयोमेट्रिक…एब्सेंट सर!, ३२२ कॉलेजों में बॉयोमेट्रिक हाजिरी नहीं

जूनियर कॉलेजों में छात्रों की हाजिरी बायोमेट्रिक द्वारा किए जाने का सख्त आदेश दिया गया था। कुछ कॉलेजों ने इसका पालन किया लेकिन महानगर के ३२२ कॉलेजों में छात्रों की बात छोड़ो बॉयोमेट्रिक ही एब्सेंट (अनुपस्थित) है। उक्त कॉलेजों में अब भी कागजों पर ही छात्रों की हाजिरी ली जा रही है।
बता दें कि ग्यारहवीं और बारहवीं में पढ़नेवाले विज्ञान शाखा के छात्रों की हाजिरी बॉयोमेट्रिक से ही लिए जाने का परिपत्रक राज्य सरकार ने जारी किया था। दरअसल मुंबई विभाग में द्वितीय दर्जे के कॉलेजों और नामचीन कोचिंग क्लासेस का टायअप (इंटीग्रेटेड) हो रखा है। इंटीग्रेटेड कॉलेजों में पढ़नेवाले छात्र कॉलेजों में न जाकर क्लासेस के लेक्चर अटेंड करते हैं। इंटीग्रेटेड के नाम पर छात्रों के अभिभावकों से लाखों रुपए ऐंठे जाते हैं।
छात्र, कॉलेज में केवल प्रैक्टिकल की खानापूर्ति करने के लिए जाते हैं। शैक्षणिक वर्ष में छात्रों की कॉलेज में ७५ प्रतिशत उपस्थिति होनी चाहिए लेकिन छात्र इस बात को नजरअंदाज कर क्लासेस जाते हैं और कॉलेज इन बातों को रफा-दफा कर देता है। इसलिए सरकार ने गत वर्ष बॉयोमेट्रिक से हाजिरी लेने का आदेश कॉलेजों को दिया था। मुंबई उपसंचालक कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार मुंबई, ठाणे, रायगढ़ और नई मुंबई में मौजूद कुल ५७० कॉलेजों में से केवल २४८ कॉलेजों ने ही बॉयोमेट्रिक लगाया है। मुंबई विभाग के अतिरिक्त निदेशक भास्कर शिवाजी बाबर ने कहा कि जिन कॉलेजों ने अब भी बॉयोमेट्रिक नहीं लागाए हैं, उन्हें जल्द से जल्द लगाने के आदेश दिए गए हैं। इसके बावजूद यदि कॉलेज आदेश का पालन नहीं करते हैं तो उनकी मान्यता रद्द भी की जा सकती है।