बॉर्डर पर जुटी बाजवा की ब्रिगेड!

कच्छ से कारगिल तक पाकिस्तान बरपाना चाहता है आतंकी कहर,

एसएसजी कमांडोज को सौंपा खाड़ी से घाटी तक घुसपैठ का जिम्मा

 

यूएन में अपनी भद्द पिटवाने के बाद पाकिस्तान को समझ में आ गया है कि उसे दुनिया में किसी का साथ मिलनेवाला नहीं है। उसे कश्मीर पर जारी अपनी आतंक की लड़ाई अकेले ही लड़नी है। इसकी तैयारी पाकिस्तान ने शुरू कर दी है। पाकिस्तान के जनरल कमर जावेद बाजवा को ३ साल का सेवा विस्तार दे दिया गया है और इस बाजवा ने बॉर्डर पर अपनी ब्रिगेड भेजनी और सजानी शुरू कर दी है। इस बार पाकिस्तान काफी आक्रामक रुख दिखा रहा है। वह कच्छ से लेकर कारगिल तक और दक्षिण में तमिलनाडु तक को अपने निशाने की जद में लेना चाहता है। इसके लिए वह अपनी फौज को धीरे-धीरे मोबलाइज कर रहा है। इसके साथ ही उसने अपने आतंकी ग्रुप्स को एक बार फिर से एक्टिवेट कर दिया है। इस तरह से वह हिंदुस्थान के खिलाफ डबल षड्यंत्र रच रहा है।
पिछले हफ्ते खबर आई थी कि पाकिस्तान ने लद्दाख के उस पार के अपने एयरबेस पर लड़ाकू विमानों की तैनाती कर दी है। वहां तीन बार मालवाहक विमान से सामान भी पहुंचाए गए। इसके बाद अब खबर है कि पाकिस्तान ने अपने देश के भीतर सभी ९ एयरबेस को एक्टिवेट कर दिया है। वहां एफ-१६ और जेएफ थंडर विमानों की आवाजाही शुरू हो गई है। पूर्व में उसके नेवी के एक्टिवेट होने की खबर आ ही चुकी है। अब उसकी आर्मी भी मोबलाइज हो रही है। इस बार खास बात यह है कि वह अपनी आर्मी को पीओके और एलओसी के अलावा गुजरात व राजस्थान के बॉर्डर पर भी तैनात कर रहा है। इसके अलावा खबर है कि वह अपने खतरनाक एसएसजी कंमाडोज को खाड़ी से घाटी तक घुसपैठ का जिम्मा सौंप चुका है। इसके तहत आतंकियों के वेश में छुपे फौजी समुद्री रास्ते हिंदुस्थान के किसी तटीय शहर में घुसपैठ करके वहां कोई बड़ा आतंकी वारदात कर सकते हैं। राजस्थान सीमा से अफगानी पासपोर्ट पर ४ आतंकियों के घुसने की खबर आ ही चुकी है। अब कल तमिलनाडु तट से भी ६ आतंकियों के घुसने की खबर है।

जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद ३७० और ३५ए हटाए जाने के बाद बौखलाया पाकिस्तान किसी भी तरह हिंदुस्थान में तबाही लाने की साजिश रच रहा है। अब उसने अपनी खीझ का जो ब्लू प्रिंट तैयार किया है, उसमें पीएम मोदी का गुजरात उसके प्राइम टारगेट पर है। पाकिस्तान की योजना है कि कच्छ के रण और सर क्रीक के पास से आतंकियों को गुजरात में घुसाकर वहां भारी तबाही मचाया जाए ताकि मोदी दहल जाएं।
गुजरात में कच्छ का रण है जहां १९६५ की लड़ाई में पाकिस्तानी सेना को जबरदस्त हार मिली थी। उसके दक्षिण में सर क्रीक का एरिया है जो समुद्री खाड़ी का क्षेत्र है। बंटवारे के समय से पाकिस्तान की नजर उस पर है। हो सकता है पाकिस्तान वहां हमला करके सर क्रीक पर कब्जा करके जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद ३७० हटाने का बदला लेना चाहता है। पूर्व में १९८४ में जब हिंदुस्थान ने सियाचिन पर कब्जा किया था तो खिसियाए पाकिस्तान ने उसके १४ साल बाद कारगिल पर कब्जा कर उसका बदला लेने की कोशिश की थी। हालांकि तब हिंदुस्थानी सेना ने बड़ी बहादुरी से कार्रवाई की और पाकिस्तानियों को मार गिराया था। उसी तर्ज पर वह सर क्रीक पर कब्जे की कोशिश कर सकता है। इसके अलावा पाकिस्तान, जम्मू-कश्मीर में भी आतंक की बड़ी कार्रवाई कर सकता है। पाकिस्तान जम्मू-कश्मीर में बड़ी वारदात को अंजाम देने की तैयारी कर रहा है। सुरक्षा सूत्रों के अनुसार अफगानिस्तान के १००-१५० खूंखार आतंकियों को अगले कुछ हफ्तों में पाकिस्तान जम्मू-कश्मीर में घुसपैठ करा सकता है। अफगानिस्तान में जैश-ए-मोहम्मद सरगना मसूद अजहर के भाई मुफ्ती रऊफ असगर ने अपने साथियों से जैश के बहावलपुर स्थित मुख्यालय में १९ और २० अगस्त को आतंकी एजेंडे पर बैठक की थी। सूत्र ने ये भी बताया कि खुफिया रिपोर्ट में पता चला है कि नियंत्रण रेखा से लगी पाकिस्तानी सीमा के लीपा वैली स्थित लॉन्च पैड पर संगठन जैश-ए-मोहम्मद के १५ आतंकी घुसपैठ करने की फिराक में हैं इसीलिए पाकिस्तान गोलाबारी कर रहा है।

हिंदुस्थानी चैनल बैन
पाकिस्तान में हिंदुस्थानी टीवी चैनल दिखानेवाले केबल ऑपरेटर्स को वहां के नियामक ने कार्रवाई की चेतावनी दी है। पाकिस्तान इलेक्ट्रॉनिक मीडिया नियामक प्राधिकरण के चेयरमैन मुहम्मद सलीम बेग ने कहा कि देश में हिंदुस्थानी चैनल, उसके कंटेंट और विज्ञापनों को दिखाने पर सुप्रीम कोर्ट की रोक है। इसका कुछ केबल ऑपरेटर लगातार उल्लंघन कर रहे हैं।
तमिलनाडु में ६ आतंकी घुसे
तमिलनाडु में लश्कर-ए-तैयबा के करीब ६ आतंकियों के घुसने का इनपुट मिलने के बाद राज्य में सुरक्षा कड़ी कर दी गई। खुफिया एजेंसियों ने रिपोर्ट में कहा है कि आतंकियों ने श्रीलंका से समुद्र के रास्ते तमिलनाडु में घुसपैठ की। वे कोयंबटूर समेत अलग-अलग शहरों में छिपे हो सकते हैं। उधर, खुफिया एजेंसियों ने हिंदुस्थान-नेपाल सीमा से उत्तर प्रदेश में अफगानी मूल के आतंकियों की घुसपैठ को लेकर भी अलर्ट जारी किया है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि कुछ असामाजिक तत्व २४ अगस्त को जन्माष्टमी के जश्न में खलल डाल सकते हैं। मथुरा, अयोध्या और काशी में वाहनों की सख्ती से चेकिंग की जा रही है।
तमिलनाडु के गृहमंत्रालय ने कोयंबटूर और चेन्नई समेत सभी बड़े शहरों में सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद पुलिस ने सभी एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन, बस अड्डे, प्रमुख धर्मस्थल, मॉल और भीड़भाड़ वाले इलाकों में चौकसी बढ़ाई है। आतंकियों की घुसपैठ की सूचना के बाद तटीय जिलों में सुरक्षा बढ़ाई है। कोयंबटूर में वाहनों की गहनता से जांच की जा रही है।

निशाने पर सर क्रीक
पाकिस्तानी सेना ने गुजरात के सर क्रीक क्षेत्र में अपने इलाके में स्‍पेशल सर्विस ग्रुप (एसएसजी) कमांडो को तैनात किया है। जिस जगह एसएसजी कमांडो की तैनाती की गई है, उसे इकबाल-बाजवा के नाम से जाना जाता है। पाकिस्‍तान इन कमांडो का इस्‍तेमाल हिंदुस्थान विरोधी गतिविधियों के लिए कर सकता है। सूत्रों के मुताबिक एसएसजी कमांडो भारतीय सेना के खिलाफ बॉर्डर एक्शन टीम की मदद के कार्रवाई करेंगे। पाकिस्तान लंबे समय से जम्मू-कश्मीर और एलओसी इलाके में हिंदुस्थानी सेना के खिलाफ कार्रवाई करता रहा है। जम्मू-कश्मीर की तरह ही हिंदुस्थान और पाकिस्तान के बीच सर क्रीक विवाद लंबे समय से रहा है। सर क्रीक विवाद १९६० के दशक में शुरू हुआ था। सर क्रीक विवाद दरअसल ६० किलोमीटर लंबी दलदली जमीन का विवाद है जो गुजरात और पाकिस्तान के राज्य सिंध के बीच स्थित है। सर क्रीक पानी के कटाव के कारण बना है और यहां ज्वार भाटे के कारण यह तय नहीं होता कि कितने हिस्से में पानी रहेगा और कितने में नहीं। आजादी के बाद जब दोनों देशों के बीच बंटवारा हुआ तो पाकिस्‍तान ने सर क्रीक खाड़ी पर अपना मालिकाना हक जता दिया। इस पर हिंदुस्थान ने एक प्रस्‍ताव तैयार किया था जिसमें समुद्र में कच्‍छ के एक सिरे से दूसरे सिरे तक सीधी रेखा खींची और कहा कि इसे ही सीमारेखा मान लेनी चाहिए। यह प्रस्‍ताव पाकिस्‍तान ने ठुकरा दिया क्‍योंकि इसमें ९० फीसदी हिस्‍सा हिंदुस्थान को मिल रहा था।