बॉलीबचन : काम ने ली जान!

आज वर्क प्रेशर हर जगह है। काम का दबाव बढ़ रहा है। यह दबाव व्यक्ति में तनाव का भी निर्माण करता है। इसमें व्यक्ति का आंतरिक प्रेशर बढ़ता है। इससे शरीर में तमाम तरह के रोग पैदा होते हैं। ये रोग जान ले लेते हैं। फर्क नहीं पड़ता कि सामनेवाले की उम्र क्या है! गत मंगलवार को बॉलीवुड के एक युवा तकनीशियन की मौत हो गई। यह साउंड एडिटर सिर्फ २९ साल का था। ब्रेन हैमरेज ने इस साउंड एडिटर की जान ले ली। इनका नाम निमिष पिलंकर था। निमिष ने कई बड़ी व चर्चित फिल्मों की साउंड एडिडिंग की थी। इसके कुछ दिनों पूर्व वीनस म्यूजिक के चंपक जैन की भी ठीक इसी तरह मृत्यु हो गई थी। उनके बारे में भी बताया गया कि उन्हें ब्रेन हैमरेज हो गया था। आखिर ये ब्रेन हैमरेज क्या बला है जो बॉलीवुड में घुसपैठ कर रहा है। पूर्व में अमरीश पुरी और सईद जाफरी जैसे बॉलीवुड के धुरंधर अभिनेताओं के निधन के वक्त भी ब्रेन हैमरेज की खबरें आई थीं। ब्रेन हैमरेज का अर्थ है मस्तिष्क में नस का फट जाना और वहां रक्त का स्राव होना। यह रक्त मस्तिष्क में पैâल जाता है और व्यक्ति की मौत हो जाती है। निमिष की जो हालिया फिल्में रिलीज हुर्इं वे हैं, अक्षय कुमार की ‘हाउसफुल ४’, ‘बायपास रोड’ और ‘मरजावां’। एक जमाना था जब फिल्में साल-दो साल में बना करती थीं। आज फटाफट बन और रिलीज हो रही हैं। ऐसे में तकनीशियनों पर दबाव बढ़ गया है। पर्याप्त आराम नहीं मिल रहा। कंप्यूटर के आगे घंटों तक बैठना पड़ रहा है। काम का बढ़ता दबाव, खराब लाइफस्टाइल के साथ ही तनाव शुगर व ब्लड प्रेशर जैसे गंभीर रोग युवाओं को परोस रहा है। और ये रोग कम उम्र में ही जान खाने लगे हैं!