बॉलीवुड की चमक ने बनाया चकरम, मुंबई पहुंचे नाबालिग को पुलिस ने वापस भेजा

रुपहले पर्दे पर दिखाई जानेवाली चमकदमक को भोले-भाले लोग, खासकर बच्चे अक्सर सच मान लेते हैं। फिल्मी कलाकारों से प्रभावित ऐसे लोग अक्सर नाम और पैसा कमाने का सपना लेकर मुंबई आते हैं और यहां गुमनामी के अंधेरे में खो जाते हैं। ऐसे ही एक मामले में पुलिस ने एक १३ वर्षीय छात्र को गलत हाथों में पहुंचने से पहले बचा लिया है। उक्त छात्र फिल्म में नायक द्वारा गुंडों की पिटाई किए जाने को सच मानता था। फिल्मी हीरो की तरह वह भी गुंडों को पीटने का सपना लेकर मुंबई आ गया लेकिन बाद में मुंबई की चकाचौंध देखकर घबरा गया।

बता दें कि यूपी के बरेली जिले के एक प्रतिष्ठित स्कूल में पढ़नेवाला राकेश (बदला हुआ नाम) ९वीं कक्षा में पढ़ता है। १३ वर्षीय राकेश फिल्मों का शौकीन है। खासकर अकेले हीरो द्वारा १०-१० गुंडों की पिटाई उसे बेहद रोमांचित करती थी। उसने सुन रखा था कि मुंबई में हीरो लोग रहते हैं। लिहाजा एक मुक्के में गुंडों को गिराने की चाह उसके मन में उबाल मारने लगी। उसने मोबाइल पर मुंबई जानेवाली ट्रेन की जानकारी हासिल की और मुंबई पहुंच गया लेकिन मुंबई पहुंचने तक उसके पैसे खत्म हो गए थे। कुर्ला स्थित एलटीटी टर्मिनस पर ट्रेन से उतरते ही लोगों की भीड़ और वाहनों का रेला देखकर राकेश घबरा गया। मुंबई से अनजान और भूख-प्यास से व्याकुल राकेश एक पार्क में जाकर रोने लगा। राकेश को रोते देख एक नेक आदमी ने राकेश को नजदीकी तिलक नगर पुलिस स्टेशन पहुंचाया। राकेश से मिली जानकारी के आधार पर तिलक नगर पुलिस ने उसके परिजनों से संपर्क किया तो राकेश के परिजन मुंबई आकर उसे अपने साथ ले गए। राकेश के परिजनों ने बरेली के पुलिस थाने में राकेश के गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी।