‘बॉली’ बचन : चोरी मेरा काम!

१९७५ में एक फिल्म आई थी चोरी मेरा काम! इस फिल्म में किशोर कुमार और आशा भोसले का गाया शीर्षक गीत काफी लोकप्रिय हुआ था। उस फिल्म का शीर्षक और कहीं फिट हो या न हो पर खुद बॉलीवुड में ही पूरी तरह फिट होता है। फिल्म की कहानी से लेकर वैâमरा एंगल और यहां तक की म्यूजिक तक चोरी कर ली जाती है। आप भले ही उसे प्रेरणा बताएं पर प्रेरणा और चोरी में फर्क होता है। एक हजार में दो-चार को प्रेरणा कहा जा सकता है पर अधिकांश तो सीधे लिफ्ट करा दे फॉमूले पर यकीन रखते हैं। इस सप्ताह रिलीज हुई फिल्म ‘साहो’ भी इससे अछूती नहीं रही। ३५० करोड़ रुपए की भारी-भरकम बजट से बनी यह फिल्म इसलिए भी खास है क्योंकि फिल्म में ‘बाहुबली’ प्रभास जो हीरो हैं। १०,००० स्क्रीन्स पर पहली बार कोई फिल्म रिलीज हुई है सो उम्मीदें काफी ऊंची थीं। पर हाय, क्या करें? फिल्म की पटकथा में इतनी ज्यादा हौच-पौच है कि दर्शकों को समझ में ही नहीं आया कि कहानी क्या चल रही है?
हां, तो बात चोरी की चल रही थी। पता चला है कि बंगलुरु के एक कलाकार ने फिल्म निर्माता पर उसके आर्टवर्क को चुराने का आरोप लगाया है। कंटेपररी आर्टिस्ट शिलो शि‍व सुलेमान ने हाल ही में अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर अपने आर्टवर्क की तस्वीर शेयर की। उन्होंने लिखा कि यह आर्टवर्क २०१४ में हुए मशहूर बर्निंग मैन फेस्ट‍िवल की है। सुलेमान ने आरोप लगाया है कि फिल्म निर्माता ने बिना इजाजत उनकी क्रिएटि‍विटी ‘प्ल्स एंड ब्लूम’ को ‘साहो’ के गाने में इस्तेमाल किया है। अब आरोप तो लग गए। ज्यादा कानूनी पेंच फंसेगा तो कुछ ले -देकर मामला निपटा लिया जाएगा। पर मामला दिलचस्प है न! क्योंकि अभी तक एक्टिंग की नकल सुनी थी। कहानी की चोरी सुनी थी। गाने की धुन की चोरी सुनी थी। पर अब ये किसी गाने के लिए पिक्चराइज किए गए सेट के आर्टवर्क की ही कोई चोरी कर ले जाए तो आप क्या कहेंगे! वाकई किशोर दा आपने सच ही गाया कि यारों.. चोरी मेरी काम! अब जो कलना है कल्ल लो, मेरी बला से!!