बॉस कौन?

छोटे पर्दे पर इन दिनों २ बड़े सुपरस्टार के बीच जोरदार प्रतिस्पर्धा चल रही है। ये हैं अमिताभ बच्चन और सलमान खान। अमिताभ पिछले ४० साल से बॉक्स ऑफिस पर राज कर रहे हैं। बीच में कुछ वक्त ऐसा आया था जब उनके करियर ने थोड़ा हिचकोले खाए थे पर यह अमिताभ और सिर्फ अमिताभ बच्चन ही थे जिन्होंने उसे उबार लिया था। वर्ना तो अमिताभ के पहले और बाद में कई बड़े सितारे आए, कुछ साल तक छाए रहे और फिर चलते बने। मगर अमिताभ ने जितनी खूबसूरती से अपने करियर को शेप दिया है वह नि:संदेह तारीफ योग्य है। अमिताभ के एंग्री यंगमैन दौर के बाद बॉलीवुड में  सलमान, आमिर और शाहरुख का खान युग आया था। करीब डेढ़ दशक तक तो इनका सिक्का चला ही। शाहरुख की पिछली कई फिल्में फिलहाल ठीक-ठाक नहीं चली हैं। इस कारण तीनों खानों में उनका मार्केट डांवांडोल है। आमिर और सलमान में टक्कर बराबरी की है। आमिर ने छोटे पर्दे पर ‘सत्यमेव जयते’ का बिगुल बजाया था। क्लास दर्शकों में उनके शो ने अच्छी पैठ बनाई थी। पर शो तो मास दर्शकों के रुझान से ही हिट होते हैं। सो जब सलमान खान ने बिग बॉस की कमान संभाली तब मुकाबला बराबरी का नजर आया। अमिताभ बच्चन तो खैर हॉट सीट पर बैठे ही थे ‘केबीसी’ के।
इस साल ‘केबीसी’ और ‘बिग बॉस’ करीब साथ ही शुरू हुए। पहले एपिसोड में बिग बॉस की टीआरपी थोड़ी अच्छी थी पर बाद के एपिसोड में वह नीचे आ गई। जबकि ‘केबीसी’ के बारे में खबर आई कि वह टॉप ३ में जगह बनाने में सफल रहा। आज सोशल मीडिया का जमाना है। कुछ भी हो वहां हलचल मचनी शुरू हो जाती है। सो सोशल मीडिया में दोनों कैंप की ओर से ‘तेरे शो से मेरा शो अच्छा’ की तर्ज पर तोपें चलनी शुरू हो गर्इं। एक जमाना था जब बॉलीवुड के बड़े सितारे छोटे पर्दे पर आने से परहेज करते थे। पर अब तो कुछ ही दिनों में टीवी पर इतना पैसा बरस जाता है कि वह फिल्मों को भी मात दे देता है। सो कौन सा सितारा बचा है जो टीवी शो में न आया हो। खैर, इन दिनों मुकाबला ‘बागवान’ का है। बागवान यानी बिग बी और सलमान। बिग बॉस का दर्शक वर्ग सिमटा है इसमें कोई शक नहीं। असल में नएपन का अभाव और एक ही वातावरण में स्क्रिप्टेड एक्टिंग दर्शकों को बोर करने लगती है। हां, जिन दर्शकों की मानसिक अवस्था अलग प्रकार की है, वे जरूर इसमें मनोरंजन खोज लेते हैं। इस साल बिग बॉस की बात करें तो शो के सबसे बड़े स्टार भजन सम्राट अनूप जलोटा हैं। उनसे ३७ साल छोटी गर्लफ्रेंड जसलीन मथारू और उनकी रिलेशनशिप चर्चा का विषय रही। इन दोनों का मामला इतना हॉट रहा कि करीब २ सप्ताह तक सोशल मीडिया पर अनूप-जसलीन ही छाए रहे। अब कोई कितना भी हाय-तौबा मचाए पर लोकप्रियता का पैमाना इन दिनों सोशल प्लेटफॉर्म बन चुका है इसमें कोई शक नहीं होना चाहिए। सो जलोटा-जसलीन की रिलेशनशिप के किस्से चर्चा-ए-आम हो गए। इसका फायदा बिग बॉस की ओपनिंग को मिला। कुछ दिनों तक लोगों की उत्सुकता बनी रही मगर बाद में वही बनावटी नोक-झोंक देखकर दर्शक ऊबने लगे। यहां तक कि जलोटा और जसलीन के बीच जो कुछ भी हो रहा था या है, उसमें एक्टिंग की बू आने लगी। ऐसे में समझदार दर्शक शो से अलग होने लगे। इसके विपरीत केबीसी की स्थिति अच्छी रही। बिग बी तो खैर, इस शो के सबसे बड़े आकर्षण हैं ही।  इस उम्र में भी बिग बी की गर्मजोशी दर्शकों को लुभाती है। उनकी स्टाइल आकर्षित करती है। दर्शक भी कहीं न कहीं इस शो से खुद को जुड़ा हुआ महसूस करता है। शायद इसका कारण है कि शो में पूछे गए सवालों के जवाब वह खुद भी तलाशने की कोशिश करता है। यह एक शो में दर्शकों की सीधे सहभागिता को दर्शाती है। बिग बॉस में दर्शक चाहकर भी इन्वॉल्व नहीं हो सकते। इस तरह से दोनों शो के बीच का यह एक प्रमुख फर्क है।
केबीसी में शाहरुख खान भी अपनी किस्मत आजमा चुके हैं। पर वो बात नहीं बनी। हॉट सीट पर बिग बी को देखने को आदी हो चुके दर्शकों को शाहरुख का अंदाज नहीं भाया। सीधी सी बात है कि अगर शाहरुख वहां सफल हुए होते तो निर्माताओं को लौटकर बिग बी के पास आना नहीं पड़ता। बिग बी की दमदार आवाज और अंदाज केबीसी की जान है। वहां शाहरुख मार खा गए थे। क्विज शो में एक गंभीरता होनी चाहिए जो खान के शो में नदारत थी। लौट के बुद्धू घर को आए की तर्ज पर निर्माताओं को फिर बिग बी की शरण में आना पड़ा। बिग बी के आने के बाद केबीसी की जो लोकप्रियता गिरी थी कुछ हद तक उसकी भरपाई हो गई।
जब किसी भी शो में एकरूपता आ जाए तो वह बोर करने लगता है। बिग बॉस में प्रतियोगियों को दिया जानेवाला टास्क, जेल जाना या और भी नोक-झोंक बनावटी लगता है। जलोटा-जसलीन का अफेयर तो पूरी तरह स्क्रिप्टेड लगता है। दर्शकों को बेवकूफ नहीं बनाया जा सकता। हां, ओवरएक्टिंग करने और बात-बात पर रोनेवाले श्रीसंत जैसे क्रिकेटर ने अपनी २.५ करोड़ रुपए की फीस को जिस तरह से सार्वजनिक किया, उससे थोड़ा कन्फ्यूजन हो गया है कि वह स्क्रिप्टेड था या वाकई उनकी जुबान फिसल गई। क्योंकि बिग बॉस में प्रतियोगियों से जो एग्रीमेंट किया जाता है उसमें पैसेवाले कॉलम को काफी गोपनीय रखा जाता है और इसे किसी को भी बताने की इजाजत नहीं होती। यहां तक कि प्रतियोगी के वकील भी नहीं जान पाते कि वहां क्या रकम भरी जानेवाली है! मगर ये सारे टिट्स-बिट्स भी बिग बॉस को दर्शकों के बीच कोई बिग टीआरपी दिला पाएंगे ऐसा लगता तो नहीं। छोटे पर्दे के जानकारों की बात मानें तो बिग बी को केबीसी के लिए जो फीस मिल रही है, उससे करीब ४ गुना ज्यादा बिग बॉस के लिए सलमान को मिल रही है। मगर दोनों शो की तुलना करें तो फिलहाल निश्चित ही ‘केबीसी’ का पलड़ा काफी भारी कहा जाएगा!