बोरिवली में बौखलाहट!, कांग्रेस का ‘रंगीला’ राडा छात्रों से की मारपीट

मौसम की गर्मी और चुनाव प्रचार की गर्मी दोनों ही बढ़ती जा रही है। हालत यह है कि अब चुनाव प्रचार के दौरान दो दलों के कार्यकर्ताओं के बीच आमना-सामना होने पर नौबत मारपीट तक पहुंच जा रही है। कल सुबह बोरीवली में एक ऐसा ही नजारा देखने को मिला जब कांग्रेस की प्रत्याशी ‘रंगीला’ गर्ल उर्मिला मातोंडकर चुनाव प्रचार कर रही थीं। उनका काफिला जैसे ही बोरीवली स्टेशन के पास पहुंचा वहां मौजूद कुछ लड़कों ने कांग्रेस के जुलूस को देखकर ‘मोदी-मोदी’ के नारे लगाने शुरू कर दिए। जवाब में ‘चौकीदार चोर है’ के नारों के साथ कांग्रेस का राडा शुरू हो गया। कांग्रेसियों ने बौखलाहट में वहां मौजूद छात्रों से मारपीट शुरू कर दी।
दोनों गुटों में हुए इस ‘रंगीला’ राडा का वीडियो तेजी के साथ वायरल हो गया। मामला चूंकि कांग्रेस प्रत्याशी ग्लैमरस फिल्म अभिनेत्री उर्मिला मातोंडकर से जुड़ा था इसलिए पुलिस फौरन हरकत में आ गई। उर्मिला ने पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है। उर्मिला का कहना था कि कुछ बदमाशों ने उनकी रैली में शामिल महिलाओं के साथ बदतमीजी की। वहां मौजूद एक प्रत्यक्षदर्शी के अनुसार उर्मिला के साथ करीब २०० लोगों का हुजूम था जबकि ‘मोदी-मोदी’ का नारा लगानेवाले छात्रों की संख्या बमुश्किल १५-२० रही होगी। यही कारण था कि कांग्रेसियों ने उन छात्रों को घेर लिया और जमकर पीटा।
चुनाव प्रचार अब हिंसक होता जा रहा है। कल बोरीवली स्टेशन के बाहर कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने वहां ‘मोदी-मोदी’ के नारे लगा रहे कुछ छात्रों को जमकर पीटा। ये कांग्रेसी कार्यकर्ता अपने लोकसभा प्रत्याशी उर्मिला मातोंडकर के साथ चुनाव प्रचार की रैली में शामिल थे। बाद में उर्मिला ने ही खुद पुलिस स्टेशन में जाकर शिकायत दर्ज कराई कि ये बदमाश उनकी रैली में शामिल महिलाओं के साथ बदतमीजी कर रहे थे।
उर्मिला का कहना है कि मैंने अनुमति लेकर बोरिवली में चुनाव प्रचार रैली का आयोजन किया था। रैली बोरिवली स्टेशन के पास आई तभी १०-१२ गुंडों ने मोदी-मोदी के नारे लगाते हुए कांग्रेस की महिला कार्यकर्ताओं के साथ धक्का-मुक्की की। वे लोग महिला कार्यकर्ताओं से बदतमीजी कर रहे थे। उसके बाद कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने गुंडों से मारपीट की। इस मामले की उर्मिला ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है और आगे प्रचार के दौरान पुलिस संरक्षण देने की मांग पुलिस से की है। वहीं उत्तर मुंबई के वर्तमान सांसद गोपाल शेट्टी का कहना है कि जो लोग मोदी-मोदी के नारे लगा रहे थे, वे सामान्य नागरिक थे। मोदी समर्थक होंगे तो कांग्रेस को कष्ट हो सकता है परंतु मोदी समर्थकों ने मोदी के नारे लगाए तो उसमें क्या गलती की? उर्मिला और उनके कार्यकर्ता रेलवे स्टेशन परिसर में वैâसे गए? वहां जाने की अनुमति वैâसे मिली? ऐसा सवाल शेट्टी ने किया है। जो कांग्रेस कार्यकर्ता आम जनता पर हाथ उठाए, उनके ऊपर कार्रवाई करने की मांग पुलिस स्टेशन में जाकर करूंगा, ऐसा शेट्टी ने कहा। राहुल गांधी के समक्ष अनेक बार ‘मोदी-मोदी’ के नारे लगते हैं परंतु राहुल गांधी कभी ऐसे नहीं चिढ़ते हैं। इस घटना के बाद उर्मिला मातोंडकर की डिपॉजिट जप्त होगी, ऐसा शेट्टी ने कहा।

छात्रों को पीटना बर्बरता कहते हैं मुंबईकर

कांग्रेसियों द्वारा छात्रों को पीटने की घटना का मुंबईकरों ने निंदा की है। उनका कहना है कि छात्रों को इस बुरी तरह से पीटना बर्बर कृत्य है। दहिसर के युवा प्रशांत सिंह का कहना है कि कांग्रेस एक राष्ट्रीय पार्टी है। उसके कार्यकर्ताओं द्वारा छात्रों के साथ मारपीट करना बिल्कुल भी उचित नहीं है। आम आदमी को अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करने की पूरी स्वतंत्रता है लेकिन कांग्रेसियों को यह रास नहीं आया। ३ राज्यों में सत्ता क्या आई कि लगे छात्रों को पीटने। कहीं दिल्ली मिल गई तो पता नहीं क्या करेंगे।
बोरीवली निवासी प्रदीप शर्मा ने कहा कि कांग्रेसवाले डरा धमका कर चुनाव जीतना चाहते हैं क्या? छात्रों को मार के क्या मिला? उस समय पार्टी का नेतृत्व कर रहे नेताओं को कम से कम चुनावी गरिमा का ख्याल रखना चाहिए था।
दौलत नगर के निवासी हितेश पांचाल ने कहा कि कांग्रेस जैसी पुरानी पार्टी से यह उम्मीद नहीं थी। लोग अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हों या फिर नारेबाजी कर रहे हों हाथ उठाने की क्या जरूरत थी। कांग्रेसियों ने तो कानून ही अपने हाथ में ले लिया।
कॉलेज छात्र राजन सिंह ने कहा कि छात्रों को पीटकर वोट नहीं मिलेगा। एक ओर राहुल युवा नेता होने का दम भरते हैं और दूसरी ओर उनकी पार्टी के कार्यकर्ता युवा छात्रों को पीटते हैं। इस घटना की जितनी निंदा की जाए कम है।

 उर्मिला मातोंडकर कर रही थीं चुनाव प्रचार
 बोरीवली में लगे ‘मोदी मोदी’ के नारे
 यह देख कांग्रेसी कार्यकर्ता हुए आगबबूला
 नारा लगानेवाले छात्रों की कर दी पिटाई
 इसके बाद उर्मिला ने कराया मामला दर्ज