बोल्डर बनेगा कोस्टल रोड का रक्षक, भरनी की जगह पर लग रहे ऊंचे पत्थर

कोस्टल रोड का काम युद्धस्तर पर शुरू है। समुद्र में भरनी कर कोस्टल रोड के लिए मनपा ने अतिरिक्त जगह हासिल की है। मॉनसून में समुद्र की ऊंची लहरों में कहीं भरनी की गई उक्त जगह बह न जाए जिसे रोकने के लिए कोस्टल रोड की साइट पर बड़े-बड़े पत्थरों के बोल्डर लगाए जा रहे हैं ताकि किए गए काम पर मॉनसून में पानी न फिर जाए।
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद मुंबई में कोस्टल रोड का काम काफी तेजी से शुरू है। कोर्ट ने पिछले दिन कोस्टल रोड के बंद पड़े काम को शुरू करने का आदेश देते हुए नए काम को शुरू करने पर प्रतिबंध लगाया है। ‘दोपहर का सामना’ संवाददाता ने मुंबई में चल रहे कोस्टल रोड के भरनी के कामों का जायजा लिया। कोस्टल रोड का काम मरीन ड्राइव, अमरसंस गार्डन, प्रियदर्शनी पार्क, हाजी अली और वरली सी फेस के पास काफी तेजी से चल रहा है। मरीन ड्राइव पर भरनी का काम अभी भी जारी है जबकि हाजी अली सहित अन्य जगहों पर भरनी की गई जगहों पर बोल्डर लगाने का काम काफी तेजी से चल रहा है। हाजी अली स्थित चल रहे कोस्टल रोड के काम की साइट पर कल बोल्डर लगाकर भरनी की गई जगह को सुरक्षित करने का काम जारी था। साइट पर मौजूद एल एंड डी कंपनी के एक कर्मचारी ने बताया कि मॉनसून नजदीक आ रहा है। ऐसे में भरनी की गई जगह पर बड़े-बड़े पत्थर लगाकर उस जगह को सुरक्षित किया जा रहा है ताकि भरनी की जगह पानी में न बह जाए। वहीं साइट पर मौजूद एक अधिकारी ने बताया कि कोस्टल रोड एक मेगा प्रोजेक्ट है। इसलिए २४ घंटे कोस्टल रोड के काम को किया जा रहा है। मॉनसून के दौरान कोस्टल रोड के काम में कोई रुकावट न आए इसलिए जरूरत के मुताबिक मॉनसून के दौरान काम जारी रहेंगे। जानकारी के अनुसार कोस्टल रोड परियोजना मनपा और शहर के लिए महत्वपूर्ण है। योजना के अनुंसार इस परियोजना को ४ साल में पूरा करने का लक्ष्य है। कोस्टल रोड परियोजना की कुल लागत १२ हजार करोड़ रुपए है जबकि मरीन ड्राइव से कांदिवली के बीच कोस्टल रोड की लंबाई २९.२ किमी है। कोस्टल रोड की अधिकतर सड़कें १६४ हेक्टेयर भूमि पर बनेंगी। यह परियोजना दो चरणों में की जा रही है। पहला चरण मरीन ड्राइव से बांद्रा तक है जबकि दूसरा चरण बांद्रा से कांदिवली का है।