ब्रिज के ऑडिटर का शटर डाउन दो महीने से बंद पड़ी है कंपनी

सीएसएमटी के डीएन रोड स्थित हिमालय ब्रिज हादसे से रोजी-रोटी की तलाश में घर से बाहर निकलनेवाले मुंबईकरों की सुरक्षा पर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। हादसे के बाद कल एक तरफ जहां मनपा प्रशासन ने टाइम्स ऑफ इंडिया बिल्डंग के पास स्थित उक्त ब्रिज के बाकी बचे हिस्से को भी ढहा दिया, वहीं दिन भर पुलिस और मनपा के अधिकारियों में ब्रिज गिरने के कारणों और जिम्मेदार लोगों की तलाश को लेकर गहमागहमी देखने को मिली। इसी दरम्यान जब मीडियाकर्मियों ने लगभग ६ महीने पहले उक्त ब्रिज का ऑडिट करनेवाली कंपनी के लोगों से संपर्क करने का प्रयास किया तो कंपनी का शटर डाउन मिला। अंधेरी-पश्चिम स्थित जिस इमारत में उक्त ऑडिट कंपनी का कार्यालय है, वहां के सुरक्षा रक्षकों ने बताया कि कार्यालय दो-ढाई महीने से बंद है।

बता दें कि अंधेरी स्थित गोखले ब्रिज हादसे के बाद मुंबई मनपा और रेलवे प्रशासन ने मुंबई के लगभग ३७४ पुलों का स्ट्रक्चरल ऑडिट कराया था। इनमें से दक्षिण मुंबई स्थित ३९ पुलों की जांच डीडी देसाइस एसोसिएटेड इजीनियरिंग कंसल्टंट्स एंड एनालिस्ट्स प्राइवेट लिमिटेड ने की थी। गुरुवार को हादसा ग्रस्त हुआ सीएसएमटी स्थित हिमालय ब्रिज भी उक्त ३९ पुलों में एक था। ‘डीडी देसाइस’ ने ६ अगस्त, २०१८ को दी गई अपनी रिपोर्ट में हिमालय ब्रिज को ठीक-ठाक बताते हुए मामूली मरम्मत का सुझाव दिया था। ऐसे में हिमालय ब्रिज गिरने के बाद देसाइस की रिपोर्ट पर सवाल उठने लगे हैं। इस बारे में कुछ मीडियाकर्मी डीडी देसाइस एसोसिएटेड से उनका पक्ष जानने के लिए अंधेरी-पश्चिम के दाउद बाग लेन स्थित पाटील बिल्डिंग में पहुंचे तो वहां सुरक्षा रक्षक ने बताया कि दो-ढ़ाई महीने से उक्त कंपनी का कार्यालय बंद है। कंपनी का एक कर्मचारी सिर्फ शाम में ५-५.३०बजे के बीच वहां आता है और वह कंपनी के नाम पर आए कूरियर एवं अन्य लेटर लेकर चला जाता है। गुरुवार को भी उक्त कर्मचारी वहां आया था लेकिन रात में साढ़े दस बजे के बाद।