बढ़ रही है काले अंगूर की मांग देखने में काले, मिठास में आगे

ठंड के मौसम में काले अंगूर की पैदावार में बढ़त के साथ ही मिठास भी मिल रही है। हरे तथा पीले अंगूर को मनचाहा मौसम नहीं मिलने से अंगूर के स्वाद में कुछ कमी आई है। बिना बीजवाले काले अंगूर को मिठास के कारण ग्राहक भी पसंद करते दिखाई दे रहे हैं। होलसेल फल बाजार में फलटण, बारामती, सांगली व तासगांव से हर दिन १८ से २० गाड़ियां अंगूर की आ रही हैं, जिसमें काले अंगूर की मात्रा अधिक है। देश के साथ विदेशों में भी अंगूर की मांग अधिक होती है। हालांकि विदेशों में काले अंगूर की मांग कम और हरे व पीले अंगूर की मांग ज्यादा रहती है। अंगूर की कई क्वॉलिटी में से शरद सीडलेस अंगूर ५०० से ८०० रुपए दस किलो के बॉक्स में बिक रहे हैं। बढ़िया अंगूर ८०० से १,२०० रुपए दस किलो
बॉक्स के भाव से बेचे जा रहे हैं, वहीं हरे-पीले अंगूर ४०० से ७०० रुपए दस किलो प्रति बॉक्स के भाव से तथा ७०० रुपए से १,००० रुपए प्रति दस किलो बॉक्स के भाव में बेचे जा रहे हैं। खुदरा फल व्यवसायी मनोज गुप्ता ने बताया कि हरे व पीले अंगूर में सोनाक्का, शरद सीडलेस लंबे दानेवाले अंगूर की बाजार में अधिक मांग है। मार्च तक अंगूर की अच्छी-खासी मांग होती है। गौरतलब हो कि नासिक के अंगूर अभी पर्याप्त मात्रा में बाजार में नहीं आ रहे हैं। इनकी मांग गुजरात में अधिक होने के कारण ये गुजरात भेजे जा रहे हैं।