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भगवान् परशुराम जयंती पर घर घर जले दीप

लॉकडाउन के चलते शनिवार को काशी में घर घर भगवान् परशुराम की जयंती मनाई गई। इस दौरान केंद्रीय ब्राह्मण महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष सतीश चंद्र मिश्र व महासचिव पं. चल्ला सुब्बा राव के आहवान पर लोगो ने शाम को घर घर दीप जलाकर भगवान परशुराम के प्रति अपनी आस्था प्रकट की। इस दौरान लोगो ने एक स्वर में कहा कि भगवान् परशुराम का आदर्श चरित्र प्रत्येक युग और देश में सदा प्रासंगिक है। आज भी मानव चरित्र सत् और असत् से घिरा हुआ है।

इनका द्वन्द सनातन है। सत् का संवर्धन करने के लिए शास्त्र और असत् का नियंत्रण करने के लिए शस्त्र का विधान सभ्यता के अरुणोदय काल से ही किया गया है।युग-युगांतर के विकास यात्रा के बाद आज भी शास्त्र और शस्त्र की सत्ता स्वीकृत है।अत: ये सभी भगवान् परशुराम की नीतियाँ आज भी प्रासंगिक जान पड़ती है।यद्यपि भगवान् परशुराम के परवर्ती महापुरुषों ने शस्त्र की शक्ति को अस्वीकार कर केवल शास्त्र की सता (आत्मबल) को ही प्रचारित किया है किन्तु मनुष्य के अन्दर का पशु आज भी शस्त्र के नियंत्रण को ही स्वीकार करता है। भगवान् परशुराम का आदर्श चरित्र आज भी मानव जीवन में अनेक प्रेरणा प्रदान करता है। पितृ भक्ति का सन्देश देता है। अत: इनके आदर्श स्वरुप को आत्मसात् करने की आवश्यकता है। हम सरकार से निवेदन भी करते हैं कि स्कूली पाठ्यक्रम में परशुराम जी की भी प्रेरणादायी कथा को शामिल किया जाय जिससे विद्यार्थी इनके आदर्श चरित्र से परिचित हो सके।