भगोड़े बंगालियों की मुसीबत बनी मुंबई पुलिस, ३ दिन में पकड़े गए ३ हत्यारे

कहते हैं कि गीदड़ की जब मौत आती है तो वह शहर की ओर भागता है। इन दिनों पश्चिम बंगाल के गुनहगारों के लिए यह कहावत बिल्कुल सटीक साबित हो रही है। वे वारदात को अंजाम देने के बाद छिपने के लिए मुंबई की ओर भाग रहे हैं लेकिन यहां मुंबई पुलिस उनके लिए मुसीबत बन जा रही है। पश्चिम बंगाल में हत्या करके मुंबई भाग आए ३ भगोड़े हत्यारों को मुंबई पुलिस दबोचने में कामयाब हुई है। ताजा मामले में क्राइम ब्रांच की यूनिट-९ ने दो हत्यारों को गिरफ्तार किया है।
बता दें कि १७ जनवरी को हावड़ा पुलिस थाने की हद में २ लोगों ने १९ वर्षीय मनवर अली उर्फ गुड्डू जिजवा की हत्या कर दी थी। हत्या के बाद हत्यारे मुंबई भाग आए थे। ऐसी सूचना हावड़ा पुलिस ने मुंबई पुलिस को दी थी। क्राइम ब्रांच यूनिट- ९ के एपीआई इरफान शेख को सूचना मिली थी कि उक्त मामले में वांछित आरोपी अहमद अली अब्दुल कादिर बदिरे उर्फ प्रेम व उसका साथी हसन रमीज सलामत अली उर्फ गुलजार अंसारी विलेपार्ले स्टेशन के पास आनेवाले हैं। वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक महेश देसाई के मार्गदर्शन में एपीआई शेख, पीएसआई कोरे, सिपाही झोडगे, पेडणेकर, खरटमल, पवार और प्रफुल्ल पाटील की टीम ने प्रेम को गुलजार के साथ दबोच लिया। पूछताछ में पता चला कि प्रेम पहले भी हत्या के एक अन्य मामले में फरार था। कोर्ट से उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी हुआ था। दोनों आरोपियों के खिलाफ करीब १० संगीन मामले पश्चिम बंगाल के विभिन्न पुलिस थानों में दर्ज हैं। गौरतलब हो कि इससे पहले वडाला पुलिस ने ६ मार्च को दालिम अलाउद्दीन शेख नामक शख्स को गिरफ्तार किया था। पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिला स्थित बेहरामपुर पुलिस हत्या के एक मामले में डेढ़ महीने से दालिम की तलाश कर रही थी।
 दोनों आरोपी हैं हिस्ट्रीशीटर
एक आरोपी था हत्या के दो मामलों में वांछित