भय्यूजी महाराज का महाप्रयाण

आध्यात्मिक संत भय्यूजी महाराज का कल महाप्रयाण हो गया। उन्होंने अपने लाइसेंसी हथियार से खुद को गोली मारकर खुदकुशी कर ली। पुलिस ने मौके से एक सुसाइड नोट भी बरामद किया है। हालांकि उन्होंने खुद की सुसाइड नोट में किसी को दोषी नहीं बताया है। घटना के तुरंत बाद उनके सेवक उन्हें इंदौर के
बॉम्बे अस्पताल लेकर गए जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। भय्यूजी महाराज पहली बार राष्ट्रीयस्तर पर चर्चा में तब आए थे जब उन्होंने अण्णा हजारे का आंदोलन खत्म कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उनके महाप्रयाण से सभी भक्त स्तब्ध हैं।
पुलिस को भय्यूजी महाराज के कमरे से एक सुसाइड नोट मिला। जिसमें उन्होंने अंग्रेजी में लिखा कि वे जीवन से दु:खी हो चुके हैं, इसलिए वे जा रहे हैं। उनका जन्म एमपी के शुजालपुर जिले में एक किसान परिवार में हुआ था। बता दें कि हाल ही में शिवराज सरकार ने उन्हें राज्यमंत्री का दर्जा भी दिया था जिसे उन्होेंने ठुकरा दिया था। भय्यूजी महाराज द्वारा आत्महत्या किए जाने के पीछे की वजह उनकी दूसरी पत्नी डॉ.आयुषी और उनकी पहली पत्नी माधवी की बेटी कुहूं के बीच संपत्ति को लेकर आए दिन विवाद होना माना जा रहा है। कुहूं पहले पुणे में रहती थी। अपनी मां के देहांत के बाद वह पिता के पास इंदौर आकर रहने लगी थी।
भय्यूजी महाराज ने ३० अप्रैल २०१७ को ही दूसरा विवाह किया था जो बहुत चर्चा में रहा था। पूर्व में उन पर सफर के दौरान हमला भी हुआ था। कुहूं फिलहाल बारहवीं कक्षा में पढ़ रही है। दूसरों की परेशानियों कोे हल करने का दावा करनेवाले भय्यूजी महाराज का आत्महत्या करने की बात किसी के गले नहीं उतर रही है। सीबीआई जांच की मांग की है। आत्महत्या की घटना के बाद इंदौर, महाराष्ट्र सहित देशभर में उनके भक्त बेहद दुखी व स्तब्ध हैं।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की बारीकी से जांच कर रही है। वहीं हॉस्पिटल में उनके समर्थकों का तांता लगा हुआ है। यह आश्चर्य है कि अपने आपको गोली मार लेनेवाले भय्यूजी महाराज ने मौत से एक घंटे पहले दो ट्वीट किए थे। उन्होंने अपने भक्तों को मासिक शिवरात्रि की बधाई दी व तनाव दूर करने के उपाय बताए। इतना ही नहीं उन्होंने वेंâद्रीय मंत्री नरेंद्र तोमर को जन्मदिन की बधाई का ट्वीट किया। भय्यूजी महाराज का राजनीतिक क्षेत्र में काफी दखल रहा है। कभी महाराष्ट्र सरकार को बचाने तो कभी अण्णा हजारे का अनशन तुड़वाने में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उनका सर्वाेदय आश्रम इंदौर के बापट चौराहे पर स्थित है।

भय्यूजी महाराज के बारे में सुनकर अभी भी विश्वास नहीं हो रहा है। वे निस्वार्थ सेवा कार्यों में लगे हुए थे। पारधी समाज, असहाय बच्चों से लेकर किसानों तक की सहायता जैसे अनेकों सेवा कार्य उनके द्वारा चल रहे थे। उनके नहीं रहने से देश एक सच्चे समाजसेवी से वंचित हो गया है। महाराज के अचानक इस तरह से चले जाने से कई लोग अपने आप को असहाय महसूस कर रहे होंगे। भगवान दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें। – गजेंद्र भंडारी

रातभर परेशान थे भय्यू महाराज
राष्ट्र संत भय्यूजी महाराज खुदकुशी भी कर सकते हैं, इसकी कोई कल्पना भी नहीं कर सकता था पर कल ऐसी दुखद खबर आ गई। सहसा किसी को इस खबर पर यकीन करना भी मुश्किल था। पर यही सच था। उन्होंने अपने सिल्वर स्प्रिंग स्थित निवास पर खुद को गोली मार ली थी। महाराज के ड्राइवर का कहना है कि खुदकुशी के वक्त उन्होंने स्नान-ध्यान भी नहीं किया था और नाइट ड्रेस में ही थे। ड्राइवर ने बताया कि उन्होंने अपनी बेटी को फोन करके बुलाया था। उनकी बेटी कुहूं उर्फ कल्याणी घटना के वक्त फ्लाइट में थीं। वे एअरपोर्ट पहुंची ही होंगी कि यह घटना घटित हो गई। कल्याणी के अनुसार पापा ने फोन कर उसे बुलाया था और कहा था कि मैं काफी तनाव में हूं।