भाजपा के जूतमपैजार वाले सांसद-विधायक तलब

भाजपा के जूतमपैजार करनेवाले सांसद और विधायक को देर प्रदेश नेतृत्व ने लखनऊ तलब कर लिया है लेकिन समाचार लिखे जाने तक विधायक राकेश बघेल प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र पांडे से मिल कर अपना पक्ष रखे। जबकि सांसद शरद त्रिपाठी को उनके बाद का समय दिया गया है। दोनों के समर्थकों से यूपी भाजपा कार्यालय ठसाठस भर गया है। प्रदेश कार्यालय पर व्यापक सुरक्षा-व्यवस्था सख्त कर दी गई है। इस घटना से संत कबीर नगर जिले में दोनों पक्ष में ठाकुर-ब्राह्मण कार्यकर्ताओं में तल्खी बढ़ती जा रही है। अभी तक कार्यकर्ताओं ने सामने नेतृत्व बेबस नजर दिख रहा है। किम कर्तव्यव विहीन नेतृत्व पूरे प्रकरण पर फूंक-फूंक कर राजनैतिक नफे- नुकसान का आकलन कर रहा है, जिसके कारण हर घंटे पार्टी का वोट बैंक घटने की साथ ही खराब संदेश जा रहा है। बुधवार की घटना के बाद विधायक समर्थकों पर प्रशासन ने लाठीचार्ज किया था, जिसके विरोध में विधायक धरने पर बैठ गए थे। कल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से वार्ता के बाद विधायक ने धरना समाप्त कर दिया और लखनऊ आ गए, जबकि सांसद अपने संसदीय क्षेत्र खलीलाबाद के उसी विधानसभा क्षेत्र मेहदावल में स्थित अपने जनसंपर्क कार्यालय में बैठ कर जनसमस्याओं की सुनवाई किये।बता दें कि मेहदावल विधानसभा उसी विधायक राकेश सिंह बघेल का क्षेत्र है जिनसे कल सांसद शरद त्रिपाठी की जूतमपैजार हुई थी। समाचार लिखे जाने तक सांसद के लखनऊ पहुंचने की सूचना है लेकिन कोई भी पक्ष प्रदेश कार्यालय पर नहीं पहुंचा। वरिष्ठ पत्रकार अशोक यादव के अनुसार यदि भाजपा नेतृत्व जनप्रतिनिधियों की इस लड़ाई के बाद कोई अनुशासनात्मक कार्यवाई नहीं किया तो पूरे प्रदेश में इसका असर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि भाजपा की आपसी सर्जिकल स्ट्राईक का न्यूनतम १५ लोकसभा सीटों पर पड़ेगा। हालांकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने गृह जनपद गोरखपुर की अपनी परंपरागत लोकसभा सीट गोरखपुर में अपने राजनैतिक दुश्मन पूर्व मंत्री जमुना निषाद की पत्नी और बेटा अमरेंद्र निषाद को पार्टी के प्रदेश मुख्यालय पर भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता दिला कर निषाद वोटों से गठबंधन की पकड़ को कमजोर कर दिया लेकिन किसी कोई यह जानने को उत्सुक है कि अब क्या हुआ? पार्टी के कुछ लोग दोनों पक्ष में सुलह समझौते की भी कोशिश कर रहे हैं।