" /> भाजपा के राज्य पानी को मोहताज प्रवासी मजदूर!

भाजपा के राज्य पानी को मोहताज प्रवासी मजदूर!

महाविकास आघाड़ी सरकार के सौजन्य से भेजे जा रहे प्रवासी मजदूर भाजपाशासित राज्यों में खाने-पीने की बात तो दूर पीने के पानी को भी तरस रहे हैं, जिसके चलते उन प्रवासी मजदूरों का बुरा हाल है। गौरतलब है कि राज्य सरकार द्वारा सब सुविधा देकर श्रमिक ट्रेनों के माध्यम से प्रवासी मजदूरों को उनके गंतव्य तक भेजा रहा है, जिन्हें खाना, नाश्ता, पीने का पानी व मुफ्त यात्रा टिकट मुहैया कराकर ट्रेनों द्वारा उन्हें उनके मूल गांव भेजा जा रहा है लेकिन जैसे ही ये ट्रेनें मध्य प्रदेश व उत्तर प्रदेश में प्रवेश करती हैं, उन ट्रेनों में सवार यात्रियों को खाना-पीना, चाय-नाश्ते की बात तो दूर उन्हें पीने के पानी को तरसना पड़ रहा है।
बता दे की पंतनगर पुलिस के माध्यम से 20 मई को शाम 7 बजे श्रमिक ट्रेन करीब 1,200 मजदूरों को लेकर लोकमान्य तिलक टर्मिनस से जौनपुर के लिए निकली थी। तब उन मजदूरों को खाने का पैकिट, पानी की बोतल, बिस्कुट व यात्रा टिकट दिया गया था लेकिन जब यही ट्रेन मध्यप्रदेश में प्रवेश किया, उसके बाद से किसी स्टेशन पर न ट्रेन रुकी, न उन मजदूरों को कहीं खाना-पानी दिया गया। कल यानी 22 मई को पूरे दिन जंगलों बीहड़ों में ही ट्रेन रुकी। यह ट्रेन जबलपुर, कटनी, सतना, इलाहाबाद किसी भी स्टेशन पर रुकी नहीं है। जहां-जहां रुकी वहां पीने के पानी को पाने के लिए भी मजदूर तरस गए। राजेश निषाद नामक घाटकोपर निवासी ने बताया कि महाराष्ट्र में हमारी अच्छे से देखभाल हुई। मध्यप्रदेश व उत्तर प्रदेश में कोई हम मजदूरों को पूछने तक नहीं आ रहा था कि जिंदा हो या मर गए हो। इसी प्रकार संतकबीर नगर खलीलाबाद निवासी श्रवण मौर्या ने बताया कि हम तीन दिन से भूखे- प्यासे अपना समय गुजार रहे हैं। मध्य प्रदेश व उत्तर प्रदेश में हमारा कोई वालीव नहीं था, जो भी मिला महाराष्ट्र में ही मिला। हम महाराष्ट्र सरकार की सराहना करते हैं कि जैसी सुविधा वहां हमें दी गई, वैसी सुविधा कोई नहीं दे सकता है। भाजपा सरकार केवल ढोंग कर रही है। प्रवासी मजदूरों को जिंदा मारने पर उतारू हैं ये सरकारें।