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भाजपा में आसान नहीं  होगी सिंधिया की राह

मध्‍य प्रदेश में कमलनाथ सरकार गंभीर संकट में घिर गई है। कांग्रेस के दिग्‍गज नेता ज्‍योतिरादित्‍य सिंधिया ने आज केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के साथ पीएम नरेंद्र मोदी से मुलाकात की और पार्टी से इस्‍तीफा दे दिया। ज्‍योतिरादित्‍य ने भले ही कांग्रेस से इस्‍तीफा देकर भगवा पार्टी का दामन थाम लिया हो लेकिन भाजपा में उनकी राह आसान नहीं होने जा रही है।
बताया जा रहा है कि ज्‍योतिरादित्‍य सिंधिया आज भाजपा में शामिल होंगे और उन्‍हें राज्‍यसभा का टिकट दिया जाएगा। सिंधिया बुधवार को राज्‍यसभा के लिए नामांकन करेंगे। कहा जा रहा है कि ज्‍योतिरादित्‍य को केंद्र सरकार में मंत्री पद दिया जा सकता है। हालांकि कुछ सूत्र यह भी दावा कर रहे हैं कि उन्‍हें सिंधिया को राज्‍य में डेप्‍युटी सीएम बनाया जा सकता है। हालांकि विश्‍लेषकों का मानना है कि मध्‍य प्रदेश भाजपा में सिंधिया की राह आसान नहीं होने जा रही है।

विश्‍लेषकों के मुताबिक अब तक कांग्रेस पार्टी में अपनी एक अलग पहचान रखनेवाले ज्‍योतिरादित्‍य बीजेपी में शामिल होकर अपनी पहचान खो सकते हैं। उन्‍हें अपनी बुआ यशोधरा राजे सिंधिया की तरह से बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्‍व की बात माननी होगी। ज्‍योतिरादित्‍य के ग्‍वालियर क्षेत्र के १८ विधायक हैं और ये सभी विधायक बीजेपी के खिलाफ चुनाव लड़कर जीते हैं। अब आगामी चुनाव में बीजेपी को इन सिंधिया समर्थक विधायकों को टिकट देना होगा जो आसान नहीं होने जा रहा है।