" /> भारत को विश्व गुरु बनाने की के लिए अयोध्या में 11 दिवसीय “पाशुपतास्त्र महायज्ञ” का श्री गणेश

भारत को विश्व गुरु बनाने की के लिए अयोध्या में 11 दिवसीय “पाशुपतास्त्र महायज्ञ” का श्री गणेश

धर्मनगरी श्रीअयोध्या के सरयू तट पर विराजमान भगवान श्रीराम के पुत्र कुश द्वारा स्थापित श्रीनागेश्वरनाथ मन्दिर पर विघ्न विनाशक गणेश जी का पूजन एवं नागेश्वरनाथ महादेवजी का अभिषेक कर भारत को विश्व गुरु बनाने के लिए गुरुवार को अमोघ- अभेद्य “पाशुपतास्त्र महायज्ञ”का संकल्प अध्यक्ष, रामादल ट्रस्ट व महायज्ञ के शीर्षस्थ आचार्य पण्डित कल्किराम ने लिया l उनके अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों में अवरोधक षडयन्त्रो का शमन करने हेतु वेदपाठी ब्राह्मणों के सानिध्य में दुर्लभ अमोघ “पाशुपतास्त्र महायज्ञ”का संकल्प लिया गया l

महानुष्ठान के संयोजक पण्डित कल्कि राम ने बताया कि कोरोना वायरस के संक्रमण से मानव कल्याण के निमित्त भारत सरकार द्वारा दुनिया के 55 देशों में हाइड्राक्सीक्लोरोक्वीन की दवा पहुँचाने के साथ-साथ लगातार कोरोना वायरस को लेकर वैज्ञानिकों द्वारा गहन चिकित्सीय शोध भी किया जा रहा है l इन सबके बीच दुनिया के अन्य देशों में रह रहे लोगों को भी सकुशल देश में लाये जाने का भी सफल प्रयास जारी है l प्रधानमंत्री मोदी के प्रयासों की दुनिया के तमाम देशों ने सराहना भी की यहाँ तक कि संकट काल के इस दौर में साउथ अफ्रीका ने प्रधानमंत्री मोदीजी को संकट मोचन हनुमानजी से तुलना तक कर दी l इन सबके बावजूद दुनिया के जिस देश से निकलकर कोरोना वायरस ने पूरी दुनिया में हाहाकार मचा दिया आज वह अपने कुकर्मो पर पर्दा डालने की मंशा लेकर अनावश्यक अकारण भारत के विरुद्ध नाना प्रकार के षडयन्त्र रचने मे जुटा हुआ है,भारत के ही रहमोकरम पर बसने वाले पाकिस्तान की नीचता जग-जाहिर है l देश में रहकर आस्तीन के सांपों की भूमिका निभा रहे लोगों ने मानवीय संवेदनाओं की हत्या कर पूरे देश को शर्मसार करने में कोई कसर नहीं छोड़ी ,आखिर यह सब कब तक चलता रहेगा बर्दाश्त करने की सारी सीमाएं पार हो चुकी है l इसी वेदना को लेकर दैवीय प्रेरणा से प्रेरित होकर आज प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत को विश्व गुरु बनाने की भावना करते हुए 11दिवसीय “पाशुपतास्त्र महायज्ञ”का श्री गणेश किया गया है l

सात मई से ही देश की आर्थिक समृद्धि और आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना को साकार करने के लिए चल रहे 51 दिवसीय “बगला ब्रह्मास्त्र”अनुसन्धान महानुष्ठान में यज्ञाहुति भी संचालित है l जिसकी पूर्णाहुति 21 जून को पड़ रहे सूर्यग्रहण की अत्यन्त क्रान्तिकारी बेला में रामादल ट्रस्ट के मुख्यालय पर दी जायेगी l अध्यक्ष, रामादल ट्रस्ट व महायज्ञ के शीर्षस्थ आचार्य पण्डित कल्किराम के अनुसार भारत विपरीत परिस्थितियों में संघर्ष कर पूरे विश्व का नेतृत्व करेगा l इस वृहत्तर योजना की सफलता के लिए रामादल निरंतर अग्रसर है l