भिखारियों का खुलेगा बैंक में खाता!, संवरेगा बच्चों का भविष्य

सिग्नल पर सामान बेचकर व भीख मांगकर अपना गुजारा करनेवाले बच्चे भी अब बैंक में अपना खाता खोल सकते हैं और इन्ही पैसों का वे भविष्य में उचित इस्तेमाल कर सकते हैं। ठाणे के एक बैंक ने इन बच्चों के लिए एक बैंक खोला है, जो आम बैंकों की तरह ही काम करेगा।
आर्थिक तंगी के चलते गरीब बच्चों और उनके परिजनों को सिग्नल पर भीख मांगकर अपना गुजारा करना पड़ता है। उन्हीं गरीब बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा में लाने के लिए ‘समर्थ भारत व्यासपीठ संस्था’ और ठाणे मनपा ने मिलकर सिग्नल स्कूल शुरू किया है। मौजूदा समय में ठाणे तीनहाथ नाका स्थित सिग्नल स्कूल में कुल ४२ विद्यार्थी पढ़ते हैं। ये बच्चे ७ बजे के बाद स्कूल से निकलकर अपने-अपने परिजनों के कामों में मदद करते हैं और रोजाना कुछ पैसे बचा लेते हैं। बचे हुए पैसों को रखने के लिए कोई सुरक्षित व्यवस्था न होने के कारण ये बच्चे स्कूल के शिक्षकों के पास अपने पैसे सुरक्षित रखते थे। बच्चों के पैसे सुरक्षित जगह रहे इसलिए ‘समर्थ भारत व्यासपीठ’ के मुख्य कार्यकारी अधिकारी भाटु सावंत ने एक प्रस्ताव ठाणे जनता सहकारी बैंक के साईओ सुनील साठे के समक्ष रखा था। जिसके बाद बैंक ने सिग्नल स्कूल के विद्यार्थियों के लिए बैंक उपलब्ध कराया है। भाटु सावंत ने बताया कि बैंक के खुलने से बच्चे पैसों की बचत कर सकते हैं और भविष्य में सही इस्तेमाल कर सकते हैं। सिग्नल स्कूल में ९वीं कक्षा में पढ़नेवाले दशरथ पवार (१५) ने बताया कि इस बैंक के खुलने से वह अपने पैसों की बचत कर सकेगा और भविष्य में उन पैसों का सही इस्तेमाल करेगा, वहीं ८वीं कक्षा में पढ़नेवाले अतुल पवार (१४) ने बताया कि त्यौहारों में उन्हें बेचने के लिए सामान खरीदना पड़ता है और पैसे न होने के कारण भीख मांगनी पड़ती है। ठाणे जनता सहकारी बैंक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुनील साठे ने बताया कि इन बच्चों के लिए हमने आम तरह का बैंक शुरू किया है। सभी बच्चों को पासबुक, चेकबुक और एटीएम मिलेगा, जिसका इस्तेमाल बच्चे अपनी जरूरत के अनुसार कर सकते हैं।