भिवंडी के कटखने कुत्ते, हर दिन ३८ लोगों को काटते हैं

मनपा प्रशासन की उदासीनता के कारण भिवंडी में आवारा कुत्ते कटखने होते जा रहे हैं। हर दिन औसतन ३८ लोगों को कुत्ते अपना शिकार बना रहे हैं। कुत्तों को पकड़ने तथा नसबंदी का प्रस्ताव चार माह पहले मनपा ने बनाया था लेकिन अभी तक कुत्तों को पकड़ने व नसबंदी का काम नहीं शुरू किया गया।
मालूम हो कि भिवंडी में पिछले छह वर्षों से कुत्तों के पकड़ने व नसबंदी की प्रक्रिया पूरी तरह से बंद है। जिसके कारण शहर भर में आवारा कुत्तों की संख्या में बेतहाशा वृद्धि हो रही है। मौजूदा समय में शहर भर में दस हजार से ज्यादा आवारा कुत्ते हैं। मनपा सूत्रों के मुताबिक वर्ष २०११ से वर्ष २०१८ के बीच आठ साल में कुल एक लाख १० हजार ८३७ लोगों को आवारा कुत्तों ने अपना शिकार बनाया है। इस हिसाब से जहां हर साल १३ हजार ८५४ लोगों को कुत्ते काट रहे हैं, वहीं हर दिन ३८ लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। आवारा कुत्तों को पकड़ने व उनके नसबंदी का प्रस्ताव दिसंबर २०१८ में तैयार किया गया था। जिसके तहत ३० लाख रुपए खर्च कर ८,५१९ कुत्तों नसबंदी करने का प्रावधान है लेकिन अभी तक न टेंडर निकला और न ही कुत्तों की धर-पकड़ शुरू हुई। सबसे हैरानी की बात यह है कि वर्ष २०१५ में उच्च न्यायालय ने सभी मनपा से उनके क्षेत्र में घूम रहे आवारा कुत्तों की संख्या के बारे में पूछा था लेकिन १५ हजार से ज्यादा कुत्ते होने के बावजूद मनपा ने सिर्फ ४,७५३ कुत्तों की जानकारी दी थी।

आठ वर्षों में एक लाख १० हजार ८३७ लोगों पर कुत्तों ने किया हमला
८,५१९ कुत्तों की नसबंदी का मनपा ने बनाया है प्लान, नहीं शुरू काम