भिवंडी में भाजपा व कांग्रेस में घमासान, नगरसेवकों पर फौजदारी केस करने की मांग

पिछले दिनों निलंबित किए गए चार स्वीकृत नगरसेवकों को लेकर भिवंडी में कांग्रेस व भाजपा में घमासान मचा हुआ है। कांग्रेस ने जहां इस निलंबन को अनुचित ठहराया था, वहीं भाजपा कांग्रेस से चार हाथ आगे जाते हुए महापौर से इस्तीफे की मांग करने के साथ ही निलंबित नगरसेवकों पर बोगस दस्तावेज प्रस्तुत करने के कारण फौजदारी का केस दर्ज करने की मांग की है। जिसे लेकर भिवंडी की राजनीति में भूचाल आ गया है।
भिवंडी पश्चिम के भाजपा विधायक महेश चौघुले ने पत्रकार परिषद का आयोजन कर मनपा के चार निलंबित किए गए स्वीकृत नगरसेवकों के निलंबन को जायज बताते हुए शासन के निर्णय को उचित ठहराया है। उन्होंने कहा कि जिस पद पर बुद्धिजीवियों को नियुक्त करने का प्रावधान शासन ने रखा है उस पद को कांग्रेस पार्टी ने पैसा लेकर भ्रष्टाचारियों व दलबदलुओं को दे दिया। जिन्होंने समाज और संस्था का बोगस कागज पत्र जमाकर पद हासिल किया। बोगस कागजपत्र पेश कर पद प्राप्त करनेवाले ऐसे आपराधिक पृष्ठभूमि के लोगों की जांच कर उनके विरुद्ध फौजदारी का मामला दर्ज किया जाना चाहिए। इतना ही नहीं उन्होंने बताया कि मनपा आयुक्त इस नियुक्ति को अवैध करार दिया था, बावजूद इसके महापौर ने इन नगरसेवकों को स्वीकृति दी। इसलिए महापौर को अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। पत्रकार परिषद में भाजपा नगरसेवक व मनपा विरोधी पक्ष नेता श्याम अग्रवाल ने कहा कि मनपा में व्याप्त भ्रष्टाचार के कारण भिवंडी का विकास रुका हुआ है।