" /> भिवंडी से 1,104 मजदूरों काे लेकर गोरखपुर रवाना हुई स्पेशल ट्रेन!

भिवंडी से 1,104 मजदूरों काे लेकर गोरखपुर रवाना हुई स्पेशल ट्रेन!

– भिवंडी रेलवे स्टेशन पर ट्रेन पकड़ने हेतु मजदूरों का उमड़ा जनसैलाब
– 24 कोच की नॉन स्टॉप ट्रेन रात 12 बजकर 58 मिनट पर हुई रवाना
– मजदूरों को ट्रेन में बैठने से पहले दिया गया मास्क, सेनेटाइजर और खाद्यसामग्री
भिवंडी के बेरोजगार मजदूरों को उनके गांव तक पहुंचाने की परिकल्पना को सरकार ने साकार करना शुरू कर दिया गया है। इसकी शुरुआत भिवंडी से हुई है। लॉकडाउन में यहां फंसे 1,104 मजदूरों के पहले जत्थे को लेकर श्रमिक एक्सप्रेस आज गोरखपुर के लिए रात 12 बजकर 58 मिनट पर रवना हुई। सुबह से ही भिवंडी के छहों पुलिस स्टेशनों द्वारा निर्धारित जगहों पर मजदूरों का पहले रजिस्ट्रेशन किया गया। तत्पश्चात थर्मल स्क्रीनिंग कर बसों से मजदूरों को भिवंडी स्टेशन पहुंचाया गया। जहां से खाद्य सामग्रियों सहित मजदूरों को ट्रेन में बैठाकर उन्हें उनके गांव भेजा गया। यह पहला मौका है जब पूरे देश में सबसे पहले महाराष्ट्र के भिवंडी स्टेशन से उत्तर प्रदेश के लिए मजदूरों को लेकर कोई स्पेशल ट्रेन रवाना हुई है। भिवंडी ट्रेन की शुरुआत होने से अपने गांव पहुंचने की आस लिए बेबस और लाचार मजदूरों की बांछे खिल गई हैं।
मालूम हो कि कोरोना वायरस के बढ़ते कहर को रोकने के लिए सरकार द्वारा किए गए लॉकडाउन के कारण भिवंडी में लाखों मजदूर फंस गए। काम-धंधा बंद होने से मजदूरों में भय बढ़ गया था। व्यवसायिक प्रतिष्ठानों के बंद होने के कारण बेबस, लाचार मजदूरों के सामने भुखमरी की स्थिति पैदा हो गई थी। मजदूरों को भय सताने लगा था कि कही वे यहीं कोरोना के शिकार हो गए तो वे अपने घरवालों से नहीं मिल पाएंगे। बेचारगी और भूख से लाचार मजदूर थक-हार कर तीसरे लॉकडाउन की घोषणा के बाद पैदल ही अपने गांव जाने लगे थे। मजदूरों की इस हालत को देखकर सरकार ने मजदूरों के लिए भिवंडी से गोरखपुर तक मजदूर ट्रेन चलाने की घोषणा कर दी, जिसका रजिस्ट्रेशन मजदूरों को अपने-अपने नजदीकी पुलिस स्टेशन में करवाना था। रजिस्ट्रेशन की सूचना मिलते ही बेकार हुए मजदूर पुलिस स्टेशन में रजिस्ट्रेशन करने पहुंचे और देखते ही देखते हजारों मजदूर आधार कार्ड के साथ कतारबद्ध होकर रजिस्ट्रेशन कराने में जुट गए। रजिस्ट्रेशन होने के बाद मात्र गोरखपुर के ही मजदूरों को छांटकर उनकी थर्मल स्क्रीनिंग कराकर, छहों पुलिस स्टेशन के इलाकों के मजदूरों को एसटी बसों द्वारा भिवंडी रेलवे स्टेशन पहुंचाया गया। हैरत की बात ये है कि भिवंडी से ट्रेन जाने की खबर सुनते ही भिवंडी स्टेशन के अंजुरफाटा परिसर में तकरीबन पांच हजार मजदूर शहर व आसपास से इकट्ठा हो गए, जिन्हें बड़ी तादात में तैनात पुलिसकर्मियों ने किसी तरह समझा-बुझाकर वापस भेजा।

शीर्ष अधिकारियों ने रेलवे स्टेशन का लिया जायजा
एडीआरएम, जिलाधिकारी, डीसीपी, मनपा आयुक्त, आरपीएफ कमिश्नर ने दिन में 11 बजे दौरा कर भिवंडी रोड स्टेशन की स्थिति का जायजा लिया और भिवंडी रोड रेल अधीक्षक सहित आरपीएफ वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक एच.बी. कुमार को उचित निर्देश दिया। रेलवे के शीर्ष अधिकारी, मीडियाकर्मियों के किसी भी सवाल का जवाब देने से बचते रहे और कहते रहे कि ये निर्णय शासन का है हम तो सिर्फ आदेशों का पालन कर रहे हैं।

खाद्य सामग्री के साथ मॉस्क, सैनेटाइजर व पानी भी दिया गया
रेलवे प्रशासन की तरफ से हर मजदूर से गोरखपुर तक 800 रुपए किराया लिया गया। जिन मजदूरों के पास पैसा नहीं था उन्हें पुलिस प्रशासन ने पैसों की व्यवस्था कर टिकट दिलाया। तत्पश्चात उन्हें रास्ते में लगनेवाले खाने के टिफिन के साथ बिस्किट, पानी, मॉस्क व सेनेटाइजर भी दिया गया। ताकि सोशल डिस्टेंसिंग के साथ सरकारी गाइड लाइन का कहीं उल्लंघन न हो। तत्पश्चात मजदूरों को कतारबद्ध कर व्यवस्थित तरीके से ट्रेन में बैठाया गया। इतना ही नहीं, मजदूरों से सोशल डिस्टेंसिंग, मुंह पर मास्क लगाने का आह्वान भी किया गया।

रात 12 बजकर 58 मिनट पर छूटी ट्रेन
1,104 मजदूरों को लेकर ट्रेन होगा रवाना
भिवंडी के डीसीपी राजकुमार शिंदे ने बताया कि गोरखपुर जानेवाली ये ट्रेन 24 कोच की थी। उन्होंने बताया कि थर्मल स्क्रीनिंग किए जाने के उपरांत मजदूरों को ट्रेन में बिठाया गया। ट्रेन रात को 12.58 बजे भिवंडी रोड रेलवे स्टेशन से गोरखपुर के लिए रवाना हुई, जिसमें 1,104 मजदूर सवार थे। उन्होंने बताया कि ट्रेन में सोशल डिस्टेंसिंग को ध्यान में रखकर एक कोच में 54-54 लोगों को बिठाया गया है। भिवंडी पुलिस उपायुक्त राजकुमार शिंदे ने जानकारी देते हुए बताया कि भिवंडी से उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जानेवाली विशेष ट्रेन में भोईवाडा पुलिस स्टेशन के 211, भिवंडी शहर पुलिस 395, शांतिनगर पुलिस 67, नारपोली पुलिस 422 व कोनगाव पुलिस के 105 कुल 1,104 प्रवासी थे। डीसीपी ने बताया कि शहर के तीन लाख मजदूरों को उनके गांव पहुंचाना प्रशासन का लक्ष्य है। इस कारण संभवतः यहां से अब रोजाना उत्तर भारत के लिए ट्रेनें रवाना होगी।

जोरदार सुरक्षा व्यवस्था
इधर डीसीपी राजकुमार शिदेे ने स्टेशन परिसर को छावनी में तब्दील कर दिया था। खुद की पुलिस के अलावा उन्होंने भिवंडी स्टेशन पर एसआरपी, जीआरपीएफ, आरपीएफ के अलावा दंगा नियंत्रण पथक को तैनात किया था, जिसके कारण मजदूरों को रजिस्ट्रेशन कराकर ट्रेन में बैठने तक कोई दिक्कत नहीं उठानी पड़ी।