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भुल्लर का वुमन मिशन

जी हां, ये है भुल्लर का वुमन मिशन। कोविड १९ के इस दौर में हिंदुस्थानी मूल के मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स (एमएमए) फाइटर अर्जन सिंह भुल्लर जालंधर के अपने पैतृक गांव में महिलाओं को सशक्त बनाने में मदद कर रहे है। कनाडा के लिए राष्ट्रमंडल खेलों में २०१० में स्वर्ण पदक जीतने वाले भुल्लर बाद में एमएमए से जुड़ गए। वन चैम्पियनशिन के इस स्टार खिलाड़ी ने मौजूदा संकट के समय में अपने गांव बिली भुल्लर की महिलाओं को मास्क बनाने में मदद करने के लिए सिलाई मशीन, कपड़ा और कई अन्य सामग्रियां उपलब्ध करवाई हैं। ३४ साल के इस खिलाड़ी ने हाल ही में एक ऐसी सुविधा का निर्माण किया है, जहाँ महिलाएँ सामाजिक गतिविधियों के लिए मिल सकती हैं। भुल्लर का अगला मुकाबला वन हैविवेट विश्व चैम्पियनशिप में ब्रांडोन वेरा से है। भुल्लर ने कहा, ‘‘महिलाओं का समय बहुत अच्छा बीत रहा है और महामारी के दौरान वे मेरी दी हुई सिलाई मशीनों से मास्क बना रही हैं। ये महिलाएं न केवल आत्मनिर्भर हैं, बल्कि पूरे गांव और पड़ोसी क्षेत्र की मदद और सशक्तिकरण कर रही हैं।” भुल्लर ने हिन्दुस्थान में मिक्स्ड मार्शल आर्ट को बढ़ावा देने के मकसद से गांव में एक जिम भी बनाया है। भुल्लर ने पिछले साल अक्टूबर में तोक्यो में वन चैम्पियनशिप में पदार्पण किया था और शीर्ष दावेदार मौरो सेरिल्ली को हराया था।