भैरव को चढ़ाएं शराब  पूरी होगी हर मनोकामना

आज भैरव अष्टमी है, जिसे कालभैरव जयंती के रूप में भी जाना जाता है। यह दिन भगवान शिव के कालभैरव अवतार को समर्पित होता है क्योंकि इसी दिन भगवान शिव ने यह रूप धारण किया था। ऐसे में कालभैरव का आशीर्वाद आपको सभी पाप से मुक्ति दिलाते हुए मृत्यु के पश्चात शिवलोक में स्थान प्राप्त करवाता है। भैरव बाबा को सबसे प्रिय शराब है, उनके मंदिर में अक्सर उन्हें शराब प्रसाद के रूप में परोसी जाती है। शराब से जुड़ा एक ऐसा ही उपाय बताएंगे, जिसे करते ही भैरव आप पर प्रसन्न हो जाएंगे और आपकी मनोकामना पूरी हो सकती है।
कालभैरव अष्टमी के दिन ऐसी शराब खरीदें, जिसका रंग गौमूत्र के समान हो। उस शराब को भैरव बाबा के मंदिर जाकर कांसे के कटोरे में डालकर आग लगा दें। इससे राहु का प्रभाव शांत होगा और मन की समस्त इच्छाएं पूर्ण होंगी। उसके बाद कालभैरव जयंती के दिन भैरव बाबा के मंदिर में जाकर शराब की बोतल चढ़ाकर किसी को दान दे दें। इससे भी जीवन में आ रही सभी समस्याओं का अंत होगा। आय के साधनों में वृद्धि होगी। कालभैरव की विधिवत पूजा करने से भगवान आपके सारे कष्ट हर लेंगे। आपके जीवन-सुख और समृद्धि आएगी।
पूजन-
नारद पुराण में कहा गया है कि कालभैरव जयंती के दिन भैरव बाबा के साथ-साथ मां दुर्गा की पूजा का भी विधान है। इसके अलावा इस दिन रात्रि में बाबा कालभैरव एवं माता महाकाली की पूजा भी अत्यंत फलदायी होती है। साथ ही इस दिन बाबा कालभैरव की कृपा पाने के लिए इनको पंच मेवा अर्थात ५ प्रकार के मिष्ठान का भोग, पान या पीपल के पत्ते पर रखकर अर्पित करना चाहिए। बाद में इसी भोग को किसी काले कुत्ते को खिला देना चाहिए। कालभैरव जयंती के दिन बाबा कालभैरव के इस तांत्रिक मंत्र का जप ५११ बार करने से अनेक कामनाएं पूरी होती हैं एवं बिगड़े हुए सभी काम स्वयं ही बन जाते हैं।
मंत्र-
ॐ अतिक्रूर महाकाय कल्पान्त दहनोपम्।
भैरव नमस्तुभ्यं अनुज्ञा दातुमर्हसि।।