मंगल पर हुआ अमंगल लाल ग्रह के तूफान को नहीं झेल पाया नासा का रोवर

मंगल पर एक बड़ी अमंगल घटना घटी है, जो नासा के वैज्ञानिकों के लिए चिंता की बात है।
सात महीने पहले लाल ग्रह पर आए भीषण तूफान को नासा का गोल्फ कोर्ट के आकार का रोवर झेल नहीं पाया। आशंका जताई जा रही है कि नासा का रोवर नष्‍ट होने के बाद उसकी `मौत’ हो गई है। बता दें कि इस रोवर ने मंगल ग्रह की सतह पर १५ साल पूरे किए हैं।
नासा का कहना है कि पिछले साल १० जून से ऑपर्च्युनिटी का कोई संकेत नहीं मिला है। वैज्ञानिकों का कहना है कि सौर संचालित रोवर सूरज की रोशनी अवरुद्ध हो जाने के कारण अपनी बैटरी चार्ज करने में असमर्थ है। इसके चलते उसने काम करना बंद कर दिया है। हालांकि मंगल ग्रह पर आया तूफान अंतत: समाप्त हो गया लेकिन रोवर मिशन टीम के बार-बार संपर्क करने के बावजूद वह शांत रहा।
नासा ने अपने एक बयान में कहा कि सिग्नल के नुकसान के बाद से रोवर के ६०० से अधिक रिकवरी कमांड को विकीर्ण कर दिया गया है। मार्स एक्सप्लोरेशन रोवर मिशन (एमईआर) के मुख्य अन्वेषक स्टीवन डब्ल्यू स्क्वॉयर ने कहा कि मैंने अभी तक हार नहीं मानी है, जिसमें दो मार्स रोवर्स, ऑपर्च्युनिटी और इसके ट्विन रोवर, स्पिरिट शामिल हैं।
२४ जनवरी, २००४ को मेरिडियानी प्लैनम नामक मंगल ग्रह के क्षेत्र में छह-पहिया रोवर उतारा गया था, जो लाल ग्रह की सतह से पृथ्वी पर अपना पहला संकेत भेज रहा था। नासा ने कहा है कि रोवर को १,००६ मीटर की यात्रा करने और ९० मार्टियन दिनों (सोल) के लिए लाल ग्रह पर काम करने के लिए डिजाइन किया गया था। इसने ४५ किलोमीटर की यात्रा की है और फरवरी २०१८ में अपने ५,००० वें मंगल दिवस (सोल) में प्रवेश किया था।
१५ साल किए थे पूरे
७ महीने से नहीं मिला कोई संकेत
बैटरी नहीं हो रही थी चार्ज
वैज्ञानिकों ने नहीं मानी है हार