मंदिर तोड़े जाने से स्थानीय नागरिकों में रोष

मीरा रोड में एक मंदिर को तोड़कर मूर्तियों को गटर पर रख सत्ताधारी भाजपा क्या संदेश देना चाहती है? इस पर सर्वत्र आश्चर्य व्यक्त किया जा रहा है।
 शनिवार को मनपा की महासभा में पूर्व महापौर गीता जैन ने इस मामले में आयुक्त बालाजी खतगावकर को आड़े हाथों लिया। जैन ने कहा कि किसी भी अवैध निर्माण को निर्माण के दौरान क्यों नही रोका जाता है? इतने वर्षों से बने उक्त मंदिर को अब तोड़े जाने पर भगवान की मूर्तियों का अपमान और भक्तों की आस्था को गहरी ठेस पहुंची है। आयुक्त खतगावकर ने आगे से इस पर ध्यान देने का विश्वास दिलाया।
ज्ञात हो कि वर्ष २००६ में स्थानीय भवन निर्माता महेंद्र कोठारी ने मीरा रोड-पूर्व के शांति नगर सेक्टर -४ के एक मैदान के कोने में चबूतरा बनाकर उस पर शीतला माता और दशामा देवी की मूर्ति स्थापित की थी। उसके बाद स्थानीय भक्तों ने वहां अंबा माता और तुलजा भवानी की प्रतिमा स्थापित की। सिंधी पंचायत ने वहां पर झूलेलाल हिंदीभाषियों ने भगवान शिव और हनुमानजी तथा साई भक्तों ने वहां साई बाबा की प्रतिमा स्थापित कर दी थी। शुक्रवार को प्रभाग अधिकारी सुदाम गोडसे ने इस मंदिर से मूर्तियो को हटाकर तोड़ दिया। इस मामले में मनपा आयुक्त खतगावकर ने कोई भी प्रतिक्रिया देने से इंकार कर दिया।