" /> मजदूरों के सामने फांकाकशी का संकट, सामने आए “परोपकारी”

मजदूरों के सामने फांकाकशी का संकट, सामने आए “परोपकारी”

..कहते हैं वक़्त भी सच्चे और झूठे का इम्तिहान लेता है ! आज के इस दौर में जब पूरी कायनात के वजूद पर कोरोना का संकट मंडरा रहा है ऐसे हालात के मध्य सुल्तानपुर जिले के तमाम स्वनामधन्य ‘परोपकारी’ भी उतर पड़े हैं इस समर में..परोपकार की ढपली बजाने ! पर समय ढपली बजाने का नहीं आत्मपरीक्षण का है।  वक़्त उन्हें ही याद रखेगा जो वक़्त पर खरे उतरेंगे। ऐसे ही इस चुनौतीपूर्ण वक़्त में अनुकरणीय पहल की है जिला मुख्यालय की सरहद से सटे भदैया ब्लॉक की प्रमुख सरोजिनी देवी व उनके बेटे जिला सहकारी बैंक के पूर्व अध्यक्ष धर्मेन्द्र सिंह भपटा ने। ‘लॉकडाउन’ होने के बाद परिवार के भरण पोषण और दो जून की रोटी के लिए रोज मेहनत-मजदूरी कर पैसा कमाने वाले उन गंवई मजदूरों की सुधि ली, जिन पर फांकाकशी का संकट आन पड़ा है। इन जरूरतमंदों में ई रिक्शाचालक हैं। खेतों में मजदूरी करने वाले भूमिहीन भी हैं। कुछ वक्त के मारे ऐसे जो समाज की निगाह में संपन्न ,पर वस्तुतः हैं विपन्न। सिंह ने बाकायदा राशन की किचन किट पैक बनवाई। जिसमें है हफ्ते-दस दिन के लिए दाल-चावल,आटा-नमक,तेल-मसाला,आलू व सब्जी आदि। कोई शर्मिंदगी-संकोच न महसूस करे इसलिए सुविधानुसार किसी को उसके दरवाजे पर तो किसी को अपने द्वार पर ये किट सौंपने की शुरुआत हुई। कोरोना अलर्ट में परोपकारियों के लिए ‘कीप द डिस्टेंस’ का अनुकरण भी बड़ा टास्क है। सो,धर्मेन्द्र सिंह भपटा कहते हैं हम इस कार्य को चुपचाप बगैर भीड़ व शोरगुल के करते जा रहे हैं।
मास्क-सैनिटाइजर के लिए दिए ५०००० रुपए
ब्लॉक प्रमुख सरोजिनी देवी ने अपने प्रशासनिक मद से विधिक रूप से मान्य २५००० रुपए के साथ पति धर्मेन्द्र सिंह की पॉकेट के भी २५००० ₹ (निजी) मिलाकर कुल ५०००० ₹ खंड विकास अधिकारी को प्रदान करने का फैसला किया है। जिससे मास्क व सैनिटाइजर की खरीद हो सके।
गांव में चेकअप व आइसोलेशन वार्ड की मांग
जिला सहकारी बैंक पूर्व अध्यक्ष सिंह ने गांवों के स्कूलों को कोरोना वार्ड व कोरोंटाइन के लिए आरक्षित किये जाने की मांग की है। उन्होंने डीएम इंदुमती को इसके लिए पत्र लिखा है। सिंह का कहना है ,इससे परदेश से आने वाले ग्रामीणों का सहजता से परीक्षण हो सकेगा।