" /> मणिकर्णिकाघाट के तर्ज पर इस बार हरिश्चन्द्र घाट पर भी खेली जाएगी मसाने की होली

मणिकर्णिकाघाट के तर्ज पर इस बार हरिश्चन्द्र घाट पर भी खेली जाएगी मसाने की होली

सात वार-नौ त्यौहार के मस्तमौला जीवन यापन करने वाली काशी अपने प्रयोगधर्मिता के लिए जानी जाती है। इस वर्ष हरिश्चन्द्र घाट पर सेवा करने वाले कुछ जोशीले युवाओं ने मणिकर्णिका घाट की तर्ज पर हरिश्चन्द्र घाट पर भी मशाने की होली शुरु करने की ठानी है, इसके लिए तैयारियां भी काशी मोक्षदायिनी सेवा समिति के बैनर तले जोरों पर चल रही है। मशाने की होली इस बार छह मार्च को होगी, पांच मार्च को काशी पुराधिपति माता गौरा का गौना लेकर जाएंगे, जिसे काशीवासी रंगभरी एकादशी के रुप में जानते है।

संस्था के सचिव जय कुमार जैशल ने बताया कि मशाने की होली खेलने से पहले शोभा यात्रा निकाली जायेगी। ऊंट, घोड़े, और रथ पर बाबा मशननाथ के चलचित्र के साथ महिलाएं और पुरुष शिव तांडव स्त्रोतम करते चलेंगे। यात्रा रविन्द्रपुरी स्थित कीनाराम स्थली से शुरू होकर सोनारपुरा होते हुए हरिश्चंद्र घाट पहुंचेगी। जहां श्मशान की होली खेली जाएगी।