मतदाताओं को मिलेगा रंगीन पहचान पत्र

लोकसभा चुनाव के मतदान के लिए भारतीय चुनाव आयोग ने मतदाताओं के लिए नए रंगीन पहचान पत्र। वोटर आईडी कार्ड वितरण करने की शुरुआत की है। नए पहचान पत्र की मांग करनेवाले राज्य के लगभग ४६ लाख मतदाताओं को नए पहचान पत्र मिलनेवाले हैं और आधे से अधिक मतदाताओं को पहचान पत्र घर पर वितरण किया गया है। बाकी के पहचान पत्र मतदान के पहले मतदाताओं को देने के लिए चुनाव प्रणलियों के माध्यम से विशेष प्रयास किए जा रहे हैं।
लोकसभा चुनाव के मतदान के लिए मतदाता सूची में नाम होना जरूरी है। प्रत्यक्ष मतदान के दिन मतदान का हक अदा करने के लिए वैध मतदाता का छायाचित्र ईपीक आईडी होना जरूरी है, इसलिए भारत चुनाव आयोग ने हर एक मतदाता को पहचान पत्र दिया है। इससे पहले संगणक पर मुद्रित किया गया कृष्णधवल जैसा पहचान पत्र दिया जाता था किंतु अब आकर्षक और रंगीन पहचान पत्र दिया जाता है। जिन नागरिकों के पास यह पहचान पत्र नहीं है उनके आवेदन करने पर मतदाताओं के घर पर पहुंचाया जाएगा।

 ईपीक कार्ड न मिलने पर…
ईपीक कार्ड न मिलने पर मतदाता नजदीकी मतदान मदद केंद्र से संपर्क करें। वहां पर पहचान पत्र मिलने के संदर्भ में मार्गदर्शन किया जाता है। मतदाता टोल प्रâी नं. १९५० पर पहचान पत्र मिलने के संदर्भ में मार्गदर्शन प्राप्त कर सकते हैं।

 मतदान के लिए जरूरी ११ दस्तावेज
मतदान करने के लिए चुनाव आयोग का पहचान पत्र नहीं है किंतु मतदाता सूची में नाम है तो इस परिस्थिति में अन्य ग्यारह प्रमाणपत्रों के सहारे मतदान कर सकते हैं। इसमें पासपोर्ट, लाइसेंस, कर्मचारी पहचान पत्र राज्य/केंद्र शासन, सार्वजनिक अभियान, सार्वजनिक मर्यादित कंपनियों का पहचान पत्र, बैंक का पासबुक, पैनकार्ड, राष्ट्रीय जनसंख्या पंजीकरण के अंतर्गत राजस्व निर्माण निर्देशांक के माध्यम से दिया गया स्मार्ट कार्ड, मनरेगा कार्यपत्रिका, मजदूर मंत्रालय द्वारा दिया गया स्वास्थ्य बीमा स्मार्टकार्ड, फोटो सहित अवकाश वेतन दस्तावेज, सासंद/विधायक/विधानपरिषद सदस्य इन्हें दिया गया पहचान पत्र और आधारकार्ड का समावेश है।