मत्स्य व्यवसाय पर अध्ययन करेगी मनपा

कोस्टल रोड से मत्स्य व्यवसाय और मछुआरों के उदर-निर्वाह के साधनों पर क्या परिणाम होगा? इसका अध्ययन अब मनपा करेगी। इस अध्ययन पर करीब ४१ लाख रुपए खर्च किए जाएंगे।
बता दें कि मुंबई की यातायात समस्या को सुलझाने के लिए शिवसेनापक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे ने कोस्टल रोड की संकल्पना की थी। इस संकल्पना को मनपा साकार करने जा रही है। २९ किमी कोस्टल रोड परियोजना के पहले चरण में मनपा ९.९८ किमी कोस्टल रोड बनानेवाली है। इस कार्य का शुभारंभ भी हो चुका है। इस परियोजना को एनओसी देते समय राज्य सरकार ने शर्त रखी थी, जिसके तहत यदि कोस्टल रोड के कारण मछुआरों के मत्स्य व्यवसाय पर कोई दुष्परिणाम होता है तो उनकी नुकसान भरपाई करना अनिवार्य किया गया था। इसी को मुद्दा बनाकर कुछ मछुआरे उच्च न्यायालय पहुंचे थे। इसको देखते हुए अब मनपा इसके अध्ययन में जुट गई है। भारतीय कृषि संशोधन परिषद, केंद्रीय सागरी मत्स्य संशोधन संस्था की मदद से मनपा उक्त अध्ययन करेगी। इस आशय का प्रस्ताव आगामी स्थायी समिति की बैठक में मंजूरी के लिए लाया जाएगा।