" /> मध्यवर्ती अस्पताल के समाज सेवा अधीक्षक को पुलिस ने पीटा : पुलिस पर कार्यवाही की मांग

मध्यवर्ती अस्पताल के समाज सेवा अधीक्षक को पुलिस ने पीटा : पुलिस पर कार्यवाही की मांग

कोरोना संकट के दौरान लॉक डाउन का उल्लंघन करनेवालों के साथ मारपीट करने के वीडियो अक्सर सोशल मीड़िया में सामने आते रहे हैं। लेकिन उल्हासनगर में पुलिसकर्मियों द्वारा एक कोरोना वारियर से मार-पीट का मामला सामने आया है। यहां पुलिस की ज्यादती का शिकार उल्हासनगर कैंप नंबर-3 स्थित मध्यवर्ती अस्पताल के समाज सेवा अधीक्षक सतीश रामकृष्ण वाघ बन गए। वाघ ने अस्पताल के मुख्य द्वार के सामने बाइक खड़ी की थी। उसी बाइक को हटाने को लेकर हुई तकरार के बाद मध्यवर्ती पुलिस स्टेशन में तैनात पुलिसवालों ने वाघ से गाली गलौज की और फिर घसीटते हुए पुलिस स्टेशन ले गए। सादी वर्दीवाले उन पुलिसकर्मियों की इस हरकत के कारण वाघ को काफी मार लग गई। वाघ ने मुख्यमंत्री समेत पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से लिखित शिकायत कर अपने पद का दुरुपयोग करनेवालों पर कठोर कार्यवाही की मांग की है।
मध्यवर्ती अस्पताल के समाज सेवा अधीक्षक वाघ ने अपने शिकायत-पत्र में लिखा है कि वे सोमवार दोपहर साढ़े 12 बजे के करीब रबर स्टैंप बनाकर लाए और अपनी बाइक को मुख्य द्वार पर खड़ी करके स्टैेप वरिष्ठ अधिकारी को दिखाने के लिए जा रहे थे। तभी वहां सादी वर्दी में  मौजूद सहायक पुलिस निरीक्षक खतीब व साथ खड़े सिपाही ने वाघ से बाइक हटाने को कहा। वाघ ने जब बाइक नहीं हटाई तो दोनों पुलिसवाले उन्हें घसीटते हुए मध्यवर्ती पुलिस स्टेशन ले गए। घसीटने के कारण वाघ की शर्ट फट गई और साथ ही उनके कंधे में मार लग गई। वाघ ने उद्दंड पुलिसवालों पर कठोर कार्यवाही की मांग की है। वाघ ने पुलिस द्वारा की गई इस हरकत की शिकायत मुख्यमंत्री, गृहमंत्री, पुलिस महासंचालक, पुलिस आयुक्त, पुलिस उपायुक्त (उल्हासनगर), समाज सेवा अधीक्षक संगठन व वरिष्ठ पुलिस निरीक्षण (मध्यवर्ती पुलिस स्टेशन) से की है।