मनपा के बकाएदारों में अंधेरीकर नंबर-१

जीएसटी लागू होने के बाद मनपा की आय का मुख्य स्रोत चुंगी पूरी तरह से बंद हो गई है। आय के स्रोत के लिए मनपा अब प्रॉपर्टी और वॉटर टैक्स पर निर्भर है। इसकी वसूली के लिए अब मनपा पूरी तरह से सख्त हो गई है। एक आंकड़े के मुताबिक करीब ३,६८१ करोड़ रुपए प्रॉपर्टी टैक्स मुंबईकरों पर बकाया है। बकाएदारों की फेहरिस्त में मनपा के प्रशासनिक वॉर्ड के-पूर्व यानी अंधेरीकर सबसे आगे हैं। के-पूर्व वॉर्ड के अधीन आनेवाले प्रॉपर्टीधारकों पर ४२३ करोड़ रुपए का प्रॉपर्टी टैक्स बकाया है।
बता दें कि प्रॉपर्टी टैक्स का बिल जारी होने के बाद ९० दिनों के भीतर प्रॉपर्टी टैक्स का भुगतान करना अनिवार्य है। ९० दिनों के भीतर प्रॉपर्टी टैक्स न भरनेवाले बकाएदारों पर मनपा चरणबद्ध तरीके से कार्रवाई करती है, जिसमें अंतिम कार्रवाई के रूप में प्रॉपर्टी जप्त की जाती है। बीते वर्ष प्रॉपर्टी टैक्स वसूली के अपने लक्ष्य को मनपा पूरा नहीं कर पाई। मनपा के सभी २४ प्रशासनिक वॉर्डों में बकाएदारों में अंधेरी-पूर्व का के-ईस्ट वॉर्ड सबसे आगे है जबकि दूसरे नंबर पर वरली का जी-दक्षिण
वॉर्ड है और तीसरे स्थान पर एच-पूर्व वॉर्ड है। इसी तरह एल-वॉर्ड के प्रॉपर्टी धारक मनपा के बकाएदारों की सूची में शामिल हैं। के-पूर्व वॉर्ड के प्रॉपर्टीधारकों पर ४२३.३५ करोड़ रुपए, जी-दक्षिण में ४०३.९५ करोड़ रुपए, एच-पूर्व में २६०.३६ करोड़ रुपए, एल-वॉर्ड में २५४.४४ करोड़ रुपए का प्रॉपर्टी टैक्स बकाया है। रिहायशी इलाका माना जानेवाले ए-वॉर्ड में सबसे कम
प्रॉपर्टी टैक्स बकाया है। ए-वार्ड में १८ करोड़ रुपए का प्रॉपर्टी टैक्स बकाया है।