मनपा के स्पेशल ऑफिसर कराएंगे गरीबों का इलाज

मनपा के प्रमुख अस्पतालों में छोटी से लेकर लगभग सभी बड़ी बीमारियों का उपचार होता है लेकिन समस्या यह है कि कई बार गंभीर रोगियों के लिए बेड नहीं होता है। ऐसे में गरीब रोगियों और उनके अभिभावकों को अस्पताल का चक्कर काटना पड़ता है लेकिन जल्द ही यह समस्या सुलझनेवाली है। मनपा अस्पतालों में जल्द ही स्पेशल ड्यूटी ऑफिसर (ओएसडी) की नियुक्ति की जाएगी। चैरिटेबल अस्पतालों में आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को नि:शुल्क उपचार दिलाने में उक्त स्पेशल ऑफिसर मदद करेंगे।
बता दें कि चैरिटेबल अस्पतालों में आर्थिक रूप से कमजोर मरीज जिनकी सालाना आय ८५ हजार रुपए से कम है, उनका इलाज इन अस्पतालों में नि:शुल्क किया जाता है। जबकि ८५ हजार रुपए से अधिक और १,६०,००० रुपए की सालाना आयवालों को आधे दाम पर इलाज दिया जाता है। गौरतलब है कि मुंबई में लीलावती, कोकिलाबेन, नानावटी जैसे ६० से भी अधिक चैरिटेबल अस्पताल हैं लेकिन लोगों में जागरूकता कम होने के कारण वे मनपा व सरकारी अस्पतालों के चक्कर काटते हैं। जल्द ही मरीजों की यह समस्या भी दूर होगी। मनपा अस्पतालों में टीवी लगाए जाएंगे, जिसमें चैरिटेबल ट्रस्ट अस्पतालों को गरीबों के लिए आरक्षित १० प्रतिशत बेड में से कितने बेड खाली हैं? इसकी जानकारी निरंतर स्क्रीन पर ऑनलाइन अपडेट करनी होगी, जिसकी देख-रेख करना ओएसडी का काम होगा। इसके लिए ओएसडी चैरिटेबल अस्पतालों के सोशल वर्कर के साथ मिलकर काम करेंगे। बीएमसी अस्पताल में अगर कोई भी जरूरतमंद मरीज आता है और इस दौरान चैरिटेबल अस्पतालों में बेड्स खाली रहते हैं तो ओएसडी सोशल वर्कर संग बात कर मरीज को उपचार के लिए एंबुलेंस के जरिए चैरिटेबल अस्पताल भेजा जाएगा। महाराष्ट्र चैरिटी कमिश्नर शिवकुमार दिघे ने कहा कि अस्पतालों में ओएसडी अपाइंट करने को लेकर मनपा के साथ बातचीत जारी है। जल्द ही हम इसकी शुरुआत करेंगे।