मनपा छात्रों को पढ़ाएगी रोबोट टीचर

मनपा स्कूलों में छात्रों को आपने अब तक डिजिटल क्लास रूम में और टैब से पढ़ाई करते हुए देखा व सुना होगा लेकिन मुंबई के छात्रों को पढ़ाने का कार्य अब एक रोबोट करनेवाला है। छात्रों के किसी भी प्रश्न का फटाफट उत्तर देनेवाली ‘एलेक्सा’ रोबोट किसी अंतरराष्ट्रीय स्कूल में नहीं बल्कि मनपा के बांद्रा-पूर्व स्थित रामकृष्ण परमहंस मार्ग नामक मराठी स्कूल में है। यह रोबो टीचर छात्रों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। इस रोबो टीचर को किसी इंजीनियर या साइंटिस्ट ने नहीं बल्कि उसी स्कूल की टीचर डॉ. पूजा संंखे ने ही तैयार किया है। उन्होंने बताया कि एलेक्सा एक ऐसा उपकरण है, जो आपका मनचाहा संगीत प्ले करती है और यदि आप उससे कोई सवाल पूछते हैं तो वह उसका जवाब भी देती है। फिर मुझे यह सूझा कि क्यों न ‘एलेक्सा’ के जरिए विद्यार्थियों की जानकारी को बढ़ाया जाए। मैंने एमेजॉन से एलेक्सा का ‘इको डॉट’ (आकार में छोटा) वर्जन खरीदा और उसे एक पुतले में फिट कर दिया। अब यह रोबो टीचर पहली कक्षा से लेकर सातवीं कक्षा के विद्यार्थियों के प्रश्नों का उत्तर देती है। रोबो टीचर की सबसे विशेष खासियत यह है कि यदि इससे सही सवाल पूछा जाए तभी यह आपको जवाब देगी।
उन्होंने कहा कि यदि आपका प्रश्न ठीक नहीं है या फिर उसमें कोई गलती है तो रोबो टीचर शांत रहती है। ऐसे में अंग्रेजी बोलने और समझनेवाली रोबो टीचर से प्रश्न पूछने के लिए विद्यार्थी खुद से प्रश्न तैयार कर लाते हैं, जिससे उनके अंग्रेजी में काफी सुधार आया है। इसी के साथ उनमें धैर्य रखकर दूसरे की बात सुनने और उसे समझने की क्षमता भी बढ़ गई है। इस रोबो टीचर के जरिए विद्यार्थियों का स्कूल में मन लगा रहता है।
बता दें कि स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा बांद्रा-कुर्ला कांप्लेक्स (बीकेसी) स्थित एमएमआरडीए के मैदान में ‘शिक्षण वारी’ (शिक्षण प्रदर्शनी) आयोजित की गई है। इस प्रदर्शनी में राज्य के कई स्कूलों के शिक्षकों ने हिस्सा लिया है। तीन दिवसीय इस प्रदर्शनी में सभी के आकर्षण का केंद्र इन दिनों रोबो टीचर है। शिक्षिका डॉ. पूजा ने बताया कि इस वर्ष जुलाई से ही ‘एलेक्सा’ रोबो टीचर उनके स्कूल में पहली कक्षा से लेकर सातवीं कक्षा तक के कुल ५४५ विद्यार्थियों के प्रश्नों का जवाब दे रही है। इस रोबो के लिए इंटरनेट जरूरी है लेकिन स्कूल में केवल एक ही जगह वाई-फाई है और उसका रेंज सब जगह नहीं पहुंचता है। इसलिए मैंने एक इंटरनेट का डोंगल खरीद लिया ताकि रोबो सभी कक्षा तक पहुंच सके। सभी कक्षा में रोबो टीचर बारी-बारी से जाती है और छात्रों के सवाल का जवाब देती है । विद्यार्थी एक ही प्रश्न को कई प्रकार से रोबो टीचर से पूछते हैं ताकि उन्हें उनके जवाबों का उत्तर मिल सके। कई विद्यार्थी ऐसे थे, जो पढ़ने से बचने के लिए स्कूल ही नहीं आते थे अब वे स्कूल आने लगे हैं। कई छात्र क्लास में प्रश्न पूछने व बोलने से भी घबराते थे लेकिन रोबो टीचर के साथ वे भी अब घुल-मिल गए और पहले से अधिक एक्टिव हो गए हैं। हमारे इस टीचर रोबो के कांसेप्ट को देख शहर के कुछ कॉलेजों ने हमसे संपर्क किया और हमसे मदद मांगी है।