मनपा परिवहन सेवा बदहाल, ५८ में मात्र २६ बसें सड़क पर

मीरा-भाइंदर मनपा द्वारा संचालित परिवहन सेवा अपनी बदहाली पर रो रही है। १,५०० करोड़ रुपए बजटवाली मनपा में परिवहन सेवा सुधरने की बजाय दिन-ब-दिन लड़खड़ाती जा रही है। परिणामस्वरूप परिवहन सेवा में तैनात ५८ बसों में से मात्र २६ बसें सड़कों पर दौड़ती नजर आ रही हैं।
बता दें कि २०१५ से नए ठेके पर स्थानीय बस सेवा मनपा द्वारा शुरू की गई है। जबकि २०१६ में पांच एसी बस खरीदी गई थीं। कुल मिलाकर मनपा परिवहन विभाग द्वारा ५८ बसें अलग-अलग किश्तों में खरीदी गई थीं लेकिन पिछले कुछ महीनों से ५८ बसों में मात्र २६ बसें ही सड़कों पर चल रही हैं शेष ३२ बसें खराब होने के कारण प्लीजेंट पार्क स्थित बस डिपो में खड़ी हैं। मीरा-भाइंदर शहर में कुल २७ मार्गों के बदले मात्र १५ मार्गों पर ही बसें चल रही हैं।

मरम्मत पर करोड़ों खर्च
मनपा परिवहन विभाग ने पिछले तीन वर्षों में बसों की मरम्मत पर दो करोड़ रुपए खर्च किए हैं। बसों की मरम्मत का काम हुआ या सिर्फ दिखावा कर बिल बनाया गया, इसका अंदाजा डिपो में खड़ी बसों को देखकर ही लगाया जा सकता है। एक बस कर्मचारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि मरम्मत के नाम पर सिर्फ थूक-पट्टी की जाती है।

दूर-दराज के छात्र परेशान
गौरतलब है कि मीरा-भाइंदर के उत्तन, पाली, गोराई, मनोरी जैसे दूर-दराज इलाकों में रहनेवाले छात्र मनपा बस सेवा का ही उपयोग करते हैं। कुछ दिनों बाद सभी स्कूलों में वार्षिक परीक्षा शुरू होनेवाली हैं। ऐसे में उपयुक्त बस सुविधा नहीं होने के कारण छात्रों को परेशानी हो रही है।