मनपा मुख्यालय की सुरक्षा खतरे में

मीरा-भाइंदर महानगरपालिका (एमबीएमसी) मुख्यालय में सुरक्षा नियमों को ताक पर रखकर भाजपा ने पटाखे फोड़कर एक नई परंपरा की शुरुआत की है। भाजपा के इस नए कारनामे से मनपा मुख्यालय की सुरक्षा व्यवस्था खतरे में पड़ गई है। जिस समय चार मंजिली मनपा मुख्यालय की दूसरी मंजिल पर भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा आतिशबाजी की गई, उस समय तल मंजिल से लेकर चौथी मंजिल तक आम नागरिकों के अलावा करीब ५०० से अधिक मनपा के अधिकारी और कर्मचारी पूरी इमारत में मौजूद थे। उन सभी के जान के साथ खिलवाड़ किया गया। विरोधी पक्ष नेता राजू भोईर ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और पुलिस में मामला दर्ज करने की लिखित मांग मनपा आयुक्त बालाजी खतगावकर से की है।
मनपा मुख्यालय की दूसरी मंजिल पर सोमवार को नवनिर्वाचित स्थाई समिति सभापति रवि व्यास और महिला व बाल कल्याण समिति की सभापति दीपिका पंकज अरोरा के पदभार संभालने और उनके कार्यालय के उद्घाटन के कार्यक्रम का आयोजन किया गया था, जिसमें महापौर डिंपल मेहता के अलावा स्थानीय भाजपा विधायक नरेंद्र मेहता, उपमहापौर चंद्रकांत वैती सहित भाजपा के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता शुभकामनाएं देने के लिए जमा हुए थे। लिफ्ट के पास गलियारे में भाजपा कार्यकर्ताओं ने जल्लोष मनाते हुए पटाखे फोड़ने की शुरुआत कर दी। मीरा-भाइंदर मनपा के इतिहास में यह पहली घटना थी जब मनपा की इमारत के अंदर पटाखे फोड़े गए। अचानक पटाखे की तेज आवाज से किसी अनहोनी की आशंका के कारण कार्यरत मनपा अधिकारियों और कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई। पूरी मंजिल धुएं से भर गई। इसी दूसरी मंजिल पर मनपा आयुक्त बालाजी खतगावकर, महापौर, उपमहापौर, स्थाई समिति सभापति आदि के कक्ष मौजूद हैं। हालांकि वहां उपस्थित मनपाकर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए तुरंत पानी डालकर पटाखे की आग को बुझा दिया, जिससे आगजनी जैसी कोई अप्रिय घटना नहीं हुई।
एक तरफ देश की सर्वोच्च न्यायालय ध्वनि प्रदूषण और वायु प्रदूषण पर अंकुश लगाने हेतु नित नए नियम और कानून बना रहा है। शहर में पटाखे कब और कहां फोड़े जाएं, इसके लिए जोन निर्धारित करने के लिए निर्देश दे रहा है, वहीं सत्ताधारी भाजपा ने मनपा मुख्यालय की ही इमारत में पटाखे फोड़कर खुलेआम न्यायालय के आदेशों को ठेंगा दिखाने का कार्य किया है, जिसकी सर्वत्र भर्त्सना की जा रही है। महापौर डिंपल मेहता ने इस पूरे प्रकरण पर कोई ठोस कार्रवाई करने की बजाय इस पर लीपापोती करते हुए सिर्फ कागज के टुकड़ोंवाले पटाखे फोड़े जाने की सफाई दी।