मराठा आंदोलन को हवा देने का काम न करे विपक्ष

५२ प्रतिशत आरक्षण को किसी भी प्रकार का नुकसान पहुंचाए बिना मराठा आरक्षण देने को सरकार कटिबद्ध है। ओबीसी आरक्षण में किसी भी प्रकार का समावेश मराठा आरक्षण को नहीं दिया जाएगा। विपक्ष मराठा आंदोलन को हवा देने का काम न करे, ऐसे शब्दों में राजस्व मंत्री चंद्रकांत दादा पाटील ने विपक्ष को फटकारा।
विधानसभा का कामकाज कल शुरू होते ही विपक्ष नेता राधाकृष्ण विखे पाटील ने स्थगन प्रस्ताव पर कहा कि शांतिपूर्वक शुरू मराठा आंदोलन को दबाने का प्रयत्न सरकार कर रही है। मराठा आंदोलनकारियों को सरकार गिरफ्तार कर रही है। आंदोलन को विफल करने का आरोप विखे पाटील ने लगाते हुए कहा कि मराठा और धनगर आरक्षण रिपोर्ट सरकार सभागृह में पेश नहीं कर रही है। मुस्लिम समाज को दिए गए आरक्षण को इस सरकार ने निकाल दिया है, ऐसा सवाल विखे ने उपस्थित किया। विखे पाटील के इस सवाल पर पाटील ने कहा कि २६/११ घटना की पार्श्वभूमि पर मुंबई का माहौल संवेदशनील होने के कारण मराठा क्रांति मोर्चा ने कल आंदोलन नहीं करने का आश्वासन दिया था। मराठा आंदोलनकारियों ने २७ नवंबर को मुंबई में आकर आंदोलन करेंगे, ऐसा कहा था। सरकार आंदोलन को विफल नहीं कर रही है। कुछ लोग इस आंदोलन को हवा न दें, ऐसा पाटील ने कहा। इस पर अजीत पवार ने कहा कि ओबीसी आयोग की कार्यवाही रिपोर्ट (एक्शन टेकन रिपोर्ट) सदन में रखो। लोगों की भावना तीव्र है। आरक्षण मराठा समाज का अधिकार है। आंदोलनकारियों की धर-पकड़ सरकार क्यों कर रही है? मुस्लिम आरक्षण के संबंध में दिग्भ्रमित मत करो, ऐसे शब्दों में पवार ने पाटील को सुनाया।
रिपोर्ट सदन में होगी पेश
मराठा आरक्षण देने के संबंध में रिपोर्ट २८ नवंबर यानी कल विधानसभा में और २९ नवंबर को विधानपरिषद में रखी जाएगी। यह निर्णय मराठा आरक्षण उपसमिति की बैठक में लिया गया है। मराठा आरक्षण उपसमिति की कल हुई पहली बैठक में इस पर विस्तृत चर्चा हुई। मराठा समाज के आरक्षण के संबंध में और ओबीसी आयोग की रिपोर्ट बुधवार और गुरुवार को चर्चा के लिए सदन में रखी जाएगी, ऐसा चंद्रकांत पाटील ने कहा।