मराठा आरक्षण: यह ऐतिहासिक निर्णय-आदित्य ठाकरे

मराठा समाज को आरक्षण मिलना ही चाहिए। पहले से ही शिवसेना की भूमिका थी। मराठा समाज को आरक्षण देने का यह निर्णय ऐतिहासिक है। इसके लिए विधानसभा का अभिनंदन है। इन शब्दों में शिवसेना नेता व युवासेनाप्रमुख आदित्य ठाकरे ने कल प्रतिक्रिया दी।
मराठा समाज को आरक्षण देने के ऐतिहासिक क्षण के मौके का गवाह होने के लिए आदित्य ठाकरे विधानभवन के प्रेक्षक गैलरी में उपस्थित थे। उनके साथ शिवसेना सचिव मिलिंद नार्वेकर भी थे। मराठा समाज आरक्षण देने का विधेयक मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सदन में पेश किया। इस विधेयक को मंजूर होने के बाद आदित्य ठाकरे विधानभवन के बाहर निकले। इसके बाद मीडिया के प्रतिनिधियों ने आदित्य ठाकरे को घेर लिया और प्रतिक्रिया पूछी। इस मौके पर बोलते हुए आदित्य ठाकरे ने कहा कि मराठा समाज को न्याय मिलना ही चाहिए, यह शिवसेना की शुरुआत से ही भूमिका थी। मराठा समाज को आरक्षण मिले इसके लिए विशेष अधिवेशन बुलाने की मांग शिवसेनापक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे ने की थी। मराठा आरक्षण पर चर्चा करने के लिए राजस्व मंत्री चंद्रकांत पाटील ‘मातोश्री’ निवास स्थान पर गए थे। अन्य समाज के आरक्षण को नुकसान न हो, कानून की कसौटी पर टिके, ऐसा आरक्षण मराठा समाज को दो, ऐसी शिवसेना की भूमिका थी। मराठा समाज को आरक्षण देने के इस ऐतिहासिक निर्णय के लिए मैं विधानसभा का अभिनंदन करता हूं, ऐसा आदित्य ठाकरे ने कहा।
 ‘बलिदान देनेवालों के परिजनों को मिले नौकरी 
मराठा आरक्षण पाने के लिए मराठा क्रांति मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने अपने जीवन को बलिदान दे दिया है। ऐसे कार्यकर्ताओं के परिवारवालों को आर्थिक मदद घोषित करने और उनके परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग शिवसेना के मुख्य प्रतोद सुनील प्रभु ने की है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को लिखे पत्र में प्रभु कहा है कि मराठा क्रांति मोर्चा की ओर से निकाले गए मोर्चे में जिन कार्यकर्ताओं पर मामले दर्ज किए गए हैं, उन सभी मामलों को वापस लिया जाए। इसी प्रकार कई अन्य मांगें शिवसेना विधायक ने मुख्यमंत्री फडणवीस से की हैं।