" /> मर्ज है मीठा बचकर रहें

मर्ज है मीठा बचकर रहें

मीठे व्यंजन को शुभता का प्रतीक माना जाता है इसलिए हर खुशी के मौके पर मिठाई खिलाकर मुंह मीठा करने का रिवाज सभी धर्मों में वर्षों से चला आ रहा है। वैसे मधुमेह जैसी कोई बीमारी बाधा न बने तो ज्यादातर लोग मीठा खाना पसंद करते हैं। शरबत, चाय, बिस्कुट, चॉकलेट, आइसक्रीम, मिठाई और शीतल पेय के रूप में कई बार अनजाने में लोग दिनभर में इतना मीठा शरीर में भरने लगते हैं, जो कि मर्ज का कारण बन जाता है क्योंकि हमारे शरीर को इस तरह के कृत्रिम मिठास की आवश्यकता ही नहीं होती है। ऐसे में जरूरत से ज्यादा मीठा शरीर को बीमार बना देता है। मीठा एक धीमा जहर है, जो धीरे-धीरे शरीर की अंदरूनी क्रियाओं पर दुष्प्रभाव डालता है, इससे हमें कई भयंकर बीमारियों का सामना करना पड़ सकता है। अधिक मीठा खाने से इम्यून सिस्टम कमजोर होता है। मोटापा बढ़ने के साथ-साथ मधुमेह, पित्ताशय और पित्त नली के वैंâसर का खतरा बढ़ जाता है।
आज प्रतिस्पर्धा का दौर है। तकनीक से रफ्तार तेज हो गई है। इस चक्कर में लोगों की लाइफ स्टाइल भी तेज हो गई है। लोगों के खाने में फास्टफूड का महत्व बढ़ गया है। नतीजतन खराब लाइफस्टाइल और खानपान की वजह से मोटापे की समस्या आम हो गई है। मोटापा कब और वैâसे बढ़ जाता है? इसका पता तो नहीं चलता लेकिन एक बार बढ़ जाए तो कई बीमारियों का कारण बन जाता है फिर उसे घटाने के लिए कितनी भी दवा खा लें, डाइट कर लें या जिम में वर्कआउट करके पसीना बहा लें लाभ शायद ही दिखता है। लेकिन यदि हम अपनी लाइफ स्टाइल में थोड़ा-सा बदलाव कर लें या यूं कहे कि सिर्फ मीठे से परहेज कर लें तो मोटापे सहित कई बीमारियों से निजात पा सकते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि आज हम आपको ऐसे नायाब तरीके बताएंगे, जिसका अगर आप लगातार यूज करेंगे तो आसानी से मोटापे से निजात पा सकते हैं क्योंकि अधिक मीठा खाने से मोटापा बढ़ता है, दांत खराब होते हैं। मीठे से ब्लडप्रेशर और माइग्रेन सिरदर्द को बढ़ावा मिलता है। पेट में गैस, गठिया का दर्द, दांतों में सड़न, मसूड़ों का कमजोर पड़ना, दिल की बीमारी, महिलाओं में स्तन वैंâसर आदि का कारण मीठा हो सकता है। अधिक मीठा किडनी को नुकसान भी पहुंचाता है। इसे आजमाने के लिए हम सिर्फ ३० दिन मीठे से परहेज करके फर्क महसूस कर सकते हैं।
यदि आप स्वस्थ और दीर्घायु बनना चाहते हैं तो मीठा, फास्टफूड और डिब्बाबंद खाद्य पदार्थों का सेवन बंद या कम कर दें। अपने डाइट में अधिक से अधिक रेशायुक्त भोजन को शामिल करें। भोजन में प्रतिदिन उचित मात्रा में प्रोटीन, विटामिन्स, खनिज तत्व युक्त आहार का सेवन करें क्योंकि जो संतुलित आहार लेनेवालों को मीठा अधिक नुकसान नहीं पहुंचाता। मीठे के लिए प्राकृतिक स्रोतों अर्थात फलों जैसे, बेर, खजूर, गाजर, सेब, शकरकंदी, पपीता, घिसा हुआ नारियल, शहद, गुड़ और मेपल सीरप आदि का सेवन करें। बाजारू `मुरब्बों’ और `सॉफ्ट ड्रिंक्स’ के स्थान पर घर का बना ताजे फलों का रस लें। मजबूरी में अतिरिक्त मीठे का सेवन करना ही पड़े तो कम से कम ग्रहण करें। दिन, त्यौहार, खुशी के मौकों पर बस चखने के लिए ही मीठा खाएं, इससे वैâलोरी कम होने लगेगी, जिससे मोटापा अपने आप घटने लगेगा। इसके साथ ही दिल की कार्य प्रक्रिया में भी सुधार होगा।
३० दिनों के लिए मीठे का सेवन कम करने से मधुमेह से भी बचाव रहता है। कभी अगर शुगर क्रेविंग महसूस करें तो इसे शांत करने के लिए ड्राई प्रâूट का सेवन कर सकते हैं। मीठे का सेवन कम करने से इम्यूनिटी बढ़ने लगती है, जिससे सर्दी-खांसी जैसी छोटी-मोटी बीमारियों से बचाव रहता है। मीठा छोड़ने से खाना आसानी से पचना शुरू हो जाता है, इससे पेट और आंत को भी कोई नुकसान नहीं पहुंचता। ज्यादा मीठा वैâविटी की परेशानी भी बढ़ाता है, इससे बचने के लिए ३० दिन मीठे का सेवन करना कम कर दें। इससे मसूढ़े भी स्वस्थ रहेंगे। रात को ज्यादा मीठे का सेवन करने से अनिद्रा की परेशानी हो जाती है, इससे बचने के लिए मीठे का कम सेवन करें। अच्छी नींद आनी शुरू हो जाएगी। मीठे का ज्यादा सेवन स्किन पर भी दिखाई देने लगता है। इससे मुंहासे, फाइन लाइंस, चेहरे के पोर्स का ओपन होना, ऑयली स्किन सहित कई तरह की परेशानियां आने लगती हैं। इनसे छुटकारा पाने के लिए अतिरिक्त मीठे का सेवन करना बंद कर दें। स्किन नेचुरल तरीके से ग्लो करने लगेगी।