" /> मवेशी बेचकर जुटाए पैसे न घर पहुंच पाए, न मिले रुपए : अंतिम समय में हुई फ्लाइट रद्द

मवेशी बेचकर जुटाए पैसे न घर पहुंच पाए, न मिले रुपए : अंतिम समय में हुई फ्लाइट रद्द

पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद के रहने वाले सोना मुल्ला के लिए सोमवार का दिन मुश्किलों से भरा रहा। घर जाने की उम्मीद में सोना मुंबई एयरपोर्ट पर तो पहुंचे, लेकिन एयरलाइन के कर्मियों ने उन्हें बता दिया कि फिलहाल वो पश्चिम बंगाल की यात्रा नहीं कर सकते। फ्लाइट कैंसल होने की बात कहकर एयरलाइन के कर्मचारियों ने उन्हें वापस जाने के लिए कह दिया। अपने घर जाने के लिए सोना ने पैसों की कमी के कारण अपने मवेशी तक बेच दिए थे। फ्लाइट रद्द होने से न ही वह घर पहुंच पाए और न ही उन्हें टिकट का रिफंड मिला।

सोना का कहना था कि वह प्रवासी मजदूर की तरह मुंबई में काम करते हैं। कुछ दिन पहले उन्होंने श्रमिक एक्सप्रेस से वापस जाने के लिए टिकट लेने का प्रयास किया था। लेकिन जब बात नहीं बनी तो परिवार की सहमति से उन्होंने फ्लाइट से कोलकाता जाने का फैसला किया। सोना और उनके दो साथियों ने कुछ पैसे जुटाए, लेकिन राशि कम पड़ी तो परिवार ने घर में मौजूद मवेशी को बेचकर टिकट के पैसे का बंदोबस्त किया। किसी तरह कोलकाता का टिकट बुक करके सोना ने सोमवार को दीवा से एयरपोर्ट आने के लिए अपने साथियों के साथ टैक्सी की। इसके बाद जब वह एयरपोर्ट पहुंचे तो पता लगा कि पश्चिम बंगाल में अभी विमान सेवाओं की शुरुआत नहीं हुई है। उन्होंने कंपनी से टिकट का रुपया रिफंड मांगा या दूसरे विमान की व्यवस्था करने को कहा। कंपनी दोनों के लिए राजी नहीं हुई और बेबस सोना साथियों के साथ एयरपोर्ट पर भटकते रहे।

एयरपोर्ट पर भटकते रहे लोग
ऐसी ही स्थिति कई और लोगों के साथ भी देखने को मिली। लास्ट मिनट पर कैंसल हुए विमानों के कारण यात्री एयरपोर्ट पर भटकते रहे तो कई ना उम्मीद होकर घर भी लौट गए। महाराष्ट्र के एक कॉलेज में पढ़ने वाली 8 स्टूडेंट्स के साथ भी ऐसी ही स्थिति देखने को मिली। छात्राएं रविवार देर रात एयरपोर्ट पर पहुंचीं तो सभी को उम्मीद थी कि उन्हें घर जाने के लिए फ्लाइट की सीट मिल जाएगी। लेकिन एयरपोर्ट पर पहुंचने के कुछ देर बाद ही उन्हें पता चला कि गुवाहाटी की उनकी फ्लाइट कैंसल हो गई है। इसके बाद एयरपोर्ट पर काफी देर तक विवाद होता रहा और बाद में एयरलाइन के अधिकारी एक विमान से उन्हें पहले दिल्ली और वहां से कनेक्टिंग फ्लाइट के जरिए गुवाहाटी भेजने के लिए राजी हुए।

बेबसी बयां की
एक स्टूडेंट ने बताया कि कैंसलेशन को लेकर एयरलाइन के अधिकारी अलग-अलग तर्क देते रहे। पहले अधिकारियों ने कहा कि असम सरकार मुंबई से आने वाली फ्लाइट्स को राज्य में आने की इजाजत नहीं दे रही है। इस बीच ऐसे यात्री भी दिखे, जिन्होंने घर जाने के लिए अपनी मजबूरी की दुहाई देकर बेबसी भी बयां की।