मसूद अजहर पर सैटेलाइट का कहर, उसकी गतिविधियों पर आसमानी नजर

पाकिस्तान जैश-ए-मोहम्मद के आका मसूद अजहर को एक बिल से दूसरे बिल में छिपा रहा है लेकिन उन्हें पता नहीं है कि हिंदुस्थान उसकी गतिविधियों पर आसमानी नजर रखे हुए है। हिंदुस्थान द्वारा नभ में छोड़े गए लगभग १३ से १४ सैटेलाइट मसूद उसके आतंकी और पाकिस्तानी सेना पर कहर बरपाने में मदद कर रहे हैं। हिंदुस्थान के पास ऐसे सैटेलाइट्स हैं, जो जल से थल और थल से आसमान में होनेवाली दुश्मनों की गतिविधियों की सटीक जानकारी दे रहा है।
बता दें कि देश को दुश्मनों के घात से दूर रखने के लिए इसरो द्वारा दिसंबर में अंतरिक्ष में उएAऊ- ७A सैटेलाइट को लॉन्च किया गया। इस सैटेलाइट का सबसे ज्यादा फायदा देश की वायुसेना को मिल रहा है। इस कम्युनिकेशन सैटेलाइट के जरिए हिंदुस्थानी वायुसेना अपने सारे रडार स्टेशनों को आपस में जोड़ सकेगी। इतना ही नहीं इसके जरिए सारे एयरबेस और अवाक्स स्पेस क्राफ्ट भी आपस में आसानी से बातचीत कर सकेंगे। ये अवाक्स विमान हवाई चेतावनी और नियंत्रण प्रणाली का ही हिस्सा होते हैं। अवाक्स को आसमान में आंख भी कहा जाता है। यह ४०० वर्ग किमी एरिया में दुश्मन की हरकत पर नजर रख सकनेवाला सिस्टम है। इतना ही नहीं इस सैटेलाइट के जरिए ड्रोन से जुड़े ऑपरेशन में भी मदद मिलेगी। यह ऐसे होगा कि जिन ऑपरेशन को वर्तमान में वायुसेना को जमीन से संचालित करना पड़ता है, उन्हें वे सीधे सैटेलाइट से संचालित कर सकेगा। इससे पहले उएAऊ-७ सैटेलाइट भी लॉन्च किया गया था, जिसे ‘रुक्मणी’ भी कहा जाता है। सितंबर, २०१३ में लॉन्च किए गए इस सैटेलाइट से हिंदुस्थानी नौसेना को देश के समुद्री क्षेत्र में हिंदुस्थानी पोतों को २००० नॉटिकल मील के क्षेत्र की गतिविधियों की जानकारी दे सकता है। भारतीय वायुसेना को जल्द ही उएAऊ-७ण् भी मिलने की उम्मीद है, जिससे इसके नेटवर्विंâग में और मजबूत होगी। देश के पास ज्यादातर रिमोट सेंसिंग सैटेलाइट हैं। जिन्हें धरती की करीबी कक्षा में स्थापित किया गया है। हिंदुस्थानी सेना को पाकिस्तान में किए सर्जिकल स्ट्राइक और आतंकी ठिकानों को नष्ट करने में भी इन सैटेलाइट से मदद मिलने की बात सूत्रों ने कही है।
थल की जानकारी देता है यह सैटेलाइट
‘आई इन द स्काई’ के नाम से मशहूर कार्टोसेट-२ई को भी कुछ समय पहले लॉन्च किया गया था। कार्टोसेट-२ई सैटेलाइट्स का इस्तेमाल सर्विलांस और सीमाई इलाकों की मैपिंग के लिए किया जा रहा है। हालांकि इन सैटेलाइट्स का प्राथमिक उपयोग समुद्री और जमीनी दुश्मनों पर निगाह रखने के लिए किया जाएगा।
सटीक और साफ तस्वीर लेता सैटेलाइट
हाल ही में लॉन्च किए गए ७१२ किलोग्राम के कार्टोसेट-२ सीरीज का स्पेस क्राफ्ट एडवांस रिमोट सेंसिंग सैटेलाइट है, जो किसी विशेष स्थान की साफ तस्वीर खींचने में बेहद कारगर है। कार्टोसेट-२ ०.६ मीटर गुना ०.६ मीटर के वर्ग में मौजूद किसी भी चीज की बेहद साफ और स्पष्ट तस्वीर खींच सकता है।