" /> मस्जिदों के बाहर ‘फ्लू मीटर’, कोरोना पर प्रबंधकों ने उठाए कदम

मस्जिदों के बाहर ‘फ्लू मीटर’, कोरोना पर प्रबंधकों ने उठाए कदम

कोरोना के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने आम लोगों के साथ-साथ सभी धार्मिक स्थलों के प्रबंधकों से भीड़ को टालने और उपाय योजना करने का आह्वान किया था। इस आह्वान को सभी समुदाय के लोग प्रतिसाद दे रहे हैं। मस्जिदों में जहां नमाज जल्द ही निपटा दी जा रही है, वहीं उपाय योजना के लिए नमाजियों की जांच हेतु मस्जिदों के बाहर ‘फ्लू मीटर’ भी लगाया गया है।
मस्जिदों में नमाज के लिए लोगों की भीड़ अधिक रहती है। इसी को टालने के लिए पिछले कुछ दिनों से धर्मगुरुओं के साथ प्रशासनिक स्तर पर बैठक भी हो रही थी। बैठक में सरकार द्वारा कोरोना को नियंत्रित करने के लिए दिए गए निर्देशों से भी इन धर्मगुरुओं को अवगत कराया गया था। इन निर्देशों का पालन मस्जिदों में जुमे की नमाज से शुरू कर दिया गया है। जुमे की नमाज में इकट्ठा होनेवाली भीड़ को टालने के लिए कई मस्जिदों में जुमे की नमाज की दो से तीन जमाअत की गई। आशिकाने रसूल मस्जिद के ट्रस्टी जहांगीर शेख ने कहा कि कोरोना वायरस को मात देने के लिए सभी को सरकार का सहयोग करना जरूरी है। इसीलिए सरकारी दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए जुमे की नमाज दो वक्त में की गई, जिससे भीड़ को टाला जा सके। इतना ही नहीं नमाज के जल्द निपटारे के लिए मस्जिदों में जुमे की तकरीर (धार्मिक उपदेश) को टाल दिया गया। इसके साथ ही नमाजियों को मस्जिदों में सिर्फ नमाज पढ़ने की अनुमति दी गई। शेष नमाज को घर पर पढ़ने की अपील नमाजियों से की गई, जिसे सभी ने माना। इसके अलावा मस्जिदों में सेनिटाइजर की व्यवस्था भी की गई। दक्षिण मुंबई की बिलाल मस्जिद, हाजीअली दरगाह के बाहर स्थित मस्जिदों के बाहर एहतियात के लिए फ्लू मीटर लगाया गया। इस फ्लू मीटर के जरिए हर नमाजियों के शरीर का तापमान जांचा गया। जिन नमाजियों के शरीर का तापमान अधिक था, उन्हें घर जाने की सलाह दी गई।