मस्ती बनी मुसीबत, पुलिस को परेशान करके घर में सो रहा था, पहुंचा हवालात

२४ दिसंबर को वसई में पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी को फोन पर हत्या की झूठी सूचना देनेवाले ३५ वर्षीय सतीश दुबे को पुलिस ने गिरफ्तार किया था लेकिन मजाक-मस्ती के लिए झूठी सूचना देकर पुलिस को परेशान करने का सिलसिला फिर भी थमा नहीं। वसई की ही एक ताजा घटना में एक ३६ वर्षीय शख्स ने अपने ही अपहरण की झूठी जानकारी देकर पुलिस को आजमाने का प्रयास किया, जो कि अब उसी के लिए मुसीबत का सबब बन गया है। पुलिस को बेवजह परेशान करनेवाले शिवकुमार गौतम नामक उक्त शख्स को हवालात की हवा खानी पड़ी।
बता दें कि शिवकुमार ने ३ जनवरी, २०१९ की रात ९.१५ बजे के करीब वालिव पुलिस थाने के एपीआई विनोद जाधव को अपने मोबाइल से फोन किया और कहा कि वसई-पूर्व स्थित मुंबई-अमदाबाद महामार्ग पर तुंगारेश्वर फाटा के पास से कुछ लोगों ने उसे अगवा कर लिया है। गौतम ने फोन पर जाधव से कहा कि उसकी जान खतरे में है, वह बेहद डरा हुआ है और अपहर्ता उसे किसी अज्ञात जगह पर ले जा रहे हैं। इसके बाद गौतम का मोबाइल फोन बंद हो गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए ४ पुलिस अधिकारी और सिपाहियों की टीम तत्काल तुंगारेश्वर फाटा पहुंच गई तथा वे वहां गौतम को ढूंढ़ने का प्रयास करने लगे। पुलिस मौके पर दुकानदारों एवं लोगों से घटना के बारे में जानकारी जुटाने का प्रयास कर रही थी लेकिन तुंगारेश्वर फाटा पर किसी के अपहरण जैसी किसी घटना की जानकारी पुलिस को नहीं मिली। फिर भी पुलिस गौतम को ढूंढ़ने की हर संभव कोशिश करती रही, साथ ही गौतम के बंद मोबाइल की लोकेशन की जांच भी चल रही थी। इस दौरान मोबाइल नंबर से पुलिस को गौतम के घर का पता मिल गया। अगले दिन गौतम की तलाश में उसके वसई फाटा स्थित घर पहुंचे पुलिस अधिकारी उस समय हैरान रह गए, जब उन्होंने गौतम को सुरक्षित घर में सोता हुआ पाया। वहां पुलिस को सामने देखकर गौतम भी घबरा गया। गौतम ने कहा कि उसने महज मस्ती के लिए पुलिस को फोन किया था। असल में वह सिर्फ देखना चाहता था कि पुलिस लोगों की शिकायत को कितना महत्व देती है लेकिन पुलिस को आजमाने का गौतम का प्रयास उसके लिए मुसीबत बन गया। गलत सूचना देने के आरोप में पुलिस ने गौतम को आईपीसी की धारा १८२ के तहत गिरफ्तार किया है। गौरतलब हो कि मनोरंजन के लिए सिरफिरों द्वारा पुलिस को परेशान करने की ऐसी घटनाएं पहले भी होती रही हैं। वर्ष २०१६ के अगस्त महीने में नालासोपारा निवासी संदीप बरिआ नामक शख्स ने फोन पर पुलिस को बताया था कि बोरीवली कोर्ट में बम रखा है। इसी तरह पैसों के लेनदेन को लेकर हुए विवाद में दोस्त को फंसाने के लिए ४६ वर्षीय मोहम्मद अहमद ने एटीएस कंट्रोल रूम में फोन करके कहा था कि उसके दोस्त ने मालाड स्टेशन में हथियार और विस्फोटक छिपा रखा है। २२ दिसंबर को मुंब्रा निवासी सलीम मानियाल ने छत्रपति शिवजी महाराज टर्मिनस पर बम होने की झूठी सूचना पुलिस को दी थी।