महंगे मेवे पर चॉकलेट की चपत! आई दिवाली बड़ी खपत

आगामी सप्ताह दिवाली है लेकिन इसके लिए खरीददारी सप्ताह भर पहले से ही शुरू हो जाती है। बढ़ती महंगाई से दिवाली में इस बार व्यापारियों का दिवाला निकल रहा है। नोटबंदी के बाद जीएसटी लागू किए जाने से परंपरागत रूप से दिवाली में तोहफे के तौर पर दिए जानेवाले सूखे मेवे के दाम आसमान छू रहे हैं। ऐसे में लोग सूखे मेवे की जगह बाजार में उपलब्ध विभिन्न प्रकार के चॉकलेट को प्राथमिकता दे रहे हैं। सूखे मेवे के व्यापारी जहां इस बार पंखे की हवा के नीचे भी पसीना पोछते नजर आ रहे हैं, वहीं चॉकलेट का व्यापार करनेवालों की चांदी हो गई है। जानकारों का कहना है कि इस बार महंगे मेवे पर चॉकलेट की चपत लग गई है इसलिए इस दिवाली
चॉकलेट की खपत काफी बढ़ गई है।
बता दें कि परंपरागत रूप से दिवाली में तोहफे के रूप में मिठाई और सूखे मेवे दिए जाते हैं। इस बार इन दोनों के दाम काफी महंगे हो गए हैं। दूध के बढ़ते दाम से जहां मिठाइयां महंगी हो गई हैं, वहीं इस बार सूखे मेवे के दाम भी बढ़ गए हैं। सूखे मेवे के गिफ्ट बॉक्स में बदाम, काजू, अखरोट, पिस्ता, अंजीर, मुनक्का का समावेश रहता है जबकि चॉकलेट के गिफ्ट बॉक्स में बबल्स चॉकलेट, गोल्ड चॉकलेट, चॉकलेट विथ बिस्किट आदि प्रकार के चॉकलेट का समावेश रहता है। दादर, गिरगांव, वरली, क्रॉफर्ड मार्वेâट, मस्जिद बंदर इलाके के बाजारों में इस बार सूखे मेवे की जगह लोग चॉकलेट गिफ्ट बॉक्स को अधिक खरीद रहे हैं। मस्जिद बंदर में सूखे मेवे की बिक्री करनेवाले दिलीप शाह ने बताया कि सूखे मेवे के बॉक्स का दाम उसमें मौजूद सूखे मेवे के आधार पर तय रहता है। चार सूखे मेवे के बॉक्स की कीमत ४०० से ५०० रुपए जबकि छह से आठ सूखे मेवेवाले बॉक्स की कीमत ५०० से दो हजार रुपए तक है जबकि चॉकलेट और कूकीज गिफ्ट बॉक्स की कीमत करीब ३०० से ४०० रुपए के बीच है, ऐसे में चॉकलेट बॉक्स की बिक्री अधिक है। मालाड के एक गिफ्टिंग कंपनी के मालिक विजय सिंह का कहना है कि सूखे मेवे के दाम अधिक होने के कारण वे चॉकलेट और कूकीज के बॉक्स को तोहफे के रूप में दे रहे हैं। इसी तरह चेंबूर के कंस्ट्रक्शन कंपनी के मालिक सैयद जाकिर का कहना है कि महंगाई के कारण हर खर्च में कटौती करनी पड़ रही है इसलिए इस बार दिवाली तोहफे के रूप में चॉकलेट बॉक्स लोगों को दे रहे हैं।