महागठबंधन ‘शराब’ तो मोदी-शाह ‘नशा’, लोकसभा का सियासी संग्राम

पीएम मोदी ने गुरुवार को यूपी के मेरठ और उत्तराखंड के रुद्रपुर में रैलियों के जरिए अपने चुनावी अभियान का शंखनाद किया और इसी के साथ २०१९ के सियासी ‘महासंग्राम’ का भी आगाज हो गया। पीएम मोदी ने एक तरफ जहां मेरठ रैली में यूपी में महागठबंधन की तुलना शराब से की और कांग्रेस के न्यूनतम आय के वादे पर तंज कसा तो दूसरी तरफ कांग्रेस और सपा ने भी उन पर पलटवार किया। कांग्रेस ने जहां पीएम मोदी से गरीबों का मजाक उड़ाने के लिए माफी की मांग की, वहीं अखिलेश यादव ने यह कहकर मोदी पर हमला बोला कि नफरत को बढ़ावा देनेवालों को सराब और शराब का अंतर तक नहीं पता।

पीएम मोदी ने पश्चिमी यूपी में चुनाव अभियान का आगाज करते हुए विपक्ष पर तीखा हमला बोला। गरीबों के लिए न्यूनतम आय योजना के कांग्रेस के वादे पर तंज कसते हुए मोदी ने कहा कि जो गरीबों का खाता तक नहीं खुलवा सकें, वे पैसे क्या देंगे? बाद में रुद्रपुर की रैली में प्रधानमंत्री मोदी ने कांग्रेस पर सेना और जवानों के पराक्रम के अपमान का आरोप लगाया। बालाकोट एयरस्ट्राइक का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जब हम आतंकवादियों के घर में घुसते हैं और उन्हें मारते हैं तो क्या हमारे जवानों के पराक्रम पर सवाल उठाना सही है? क्या हमारे सेनाप्रमुख को गाली देना सही है? क्या जनता उन लोगों को माफ कर देगी जिन्होंने सिर्फ इस लिए देशविरोधी बयान दिए कि वे पाकिस्तान में हीरो बन जाएं। पीएम की मेरठ रैली के ठीक बाद कांग्रेस ने पलटवार करते हुए पीएम मोदी पर गरीबों का मजाक उड़ाने का आरोप लगाया, वहीं विपक्षी गठबंधन की शराब से तुलना किए जाने पर भी कांग्रेस और सपा ने पीएम पर हल्ला बोला है। कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने पीएम मोदी पर हमला करते हुए कहा कि गाली-गलौज, ढोंग, स्वांग, ड्रामा उनकी आदत बन गई है लेकिन उन्हें गरीबों के लिए बनी ‘न्यूनतम आय योजना’ का मजाक उड़ाने से बाज आना चाहिए।

सपा के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी सपा-बसपा और आरएलडी के महागठबंधन की तुलना शराब से किए जाने पर पीएम मोदी पर पलटवार किया है। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि आज इसकी पोल खुल गई है कि नफरत के नशे को बढ़ावा देनेवालों को सराब और शराब का अंतर तक पता नहीं है।