" /> महामारी के बीच शुरू हुई मॉनसून की तैयारियां

महामारी के बीच शुरू हुई मॉनसून की तैयारियां

लॉकडाउन दो सप्ताह तक बढ़ गया और जिस हिसाब से संक्रमण के रोज नए मामले आ रहे हैं, इससे मुंबई में लोकल सेवा जल्दी खुलने के आसार नही लग रहे हैं। ऐसे में मुंबई रेलवे की तय परियोजनाओं को भी समय पर शुरू करना है, ऐसा नहीं हुआ तो कोरोना के बाद मॉनसून की मुसीबत और परियोजना समय पर पूरे न होने का ख़ामियाज़ा मुंबईकरों को भुगतना पड़ेगा। इसे ध्यान में रखते हुए मध्य और पश्चिम रेलवे ने कोरोना महामारी के बीच मॉनसून से जुड़ी तैयारियां शुरू कर दी हैं।

घाट में भी शुरू है काम
पिछले मॉनसून में मध्य रेलवे के घाट सेक्शन में बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ा था। मंकी हिल के पास कई दिनों तक ट्रेनों की आवाजाही बंद थी। घाट सेक्शन में काम करनेवाली हिल गैंग को इस बार कोई परेशानी नहीं आ रही है। ट्रेनों की आवाजाही ठप होने के कारण आराम से काम हो रहा है। सामान्य स्थिति में ढीली पड़ी चट्टान को गिराने से पहले ट्रेनों की टाइमिंग को ध्यान रखना पड़ता है। अब जब ट्रेन ही नहीं चल रही हैं, तो ये काम भी आसानी से हो रहा है। बोल्डर हटाने के अलावा घाट सेक्शन में पटरियों को सुरक्षित रखने और चट्टानों को खिसकने से रोकने के लिए स्टील की फ़्रेम वाली सुरंग भी बनाई जा रही है। अधिकारी ने बताया इन सभी काम के दौरान सामाजिक दूरी का पालन किया जा रहा है।

परे को पुलों की चिंता
पश्चिम रेलवे पर माहिम, बांद्रा और चमड़ावाड़ी नाला सबसे बड़ी परेशानी का सबब है। इसके अलावा अंधेरी, जोगेश्वरी, बोरिवली, दहिसर, नालासोपारा और वसई में भी काम जारी है। मॉनसून के इन कामों के अलावा पश्चिम रेलवे को आईआईटी मुंबई की सर्वे रिपोर्ट के अनुसार काम करना है। बीएमसी के अधिकार क्षेत्रवाली जगहों पर पुलों की मरम्मत चिंता का विषय है। इन पुलों का काम जून तक शुरू होने की उम्मीद है। इनमें मुंबई सेंट्रल बेलासिस ब्रिज, महालक्ष्मी क़रोल ब्रिज, तिलक ब्रिज दादर का काम महत्वपूर्ण है। सभी ब्रिज के कामों में लगभग 17 करोड़ रुपए खर्च होंगे। मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शिवाजी सुतार ने बताया कि इस बार पहले चरण में हमने 33 किमी का ड्रेन साफ किया। इसके अलावा 170 कल्वर्ट की सफाई की गई। पिछले साल करी रोड, भायखला, सायन, कुर्ला, ठाणे, विक्रोली, मुलुंड, वडाला, गोवंडी, मानखुर्द में सबसे ज़्यादा परेशानी हुई थी। इस बार पहले चरण में ही इन स्थानों पर फ़ोकस किया गया।

महामारी ने किया लेट
आमतौर पर मानसून से जुड़ी तैयारियां मार्च महीने के अंत से शुरू हो जाती हैं लेकिन इस बार कोरोना महामारी के कारण देरी हो गई। शुरुआती लॉकडाउन के बाद मज़दूर मिलना मुश्किल हो गए थे। एक अधिकारी ने बताया कि रेलवे के कर्मचारियों ने सफ़ाई का काम शुरू कर दिया। लोग कम है लेकिन ट्रेन पर कोई आवाजाही नहीं होने के कारण काम तेज़ी से हो रहा है। इसमें कल्वर्ट की सफ़ाई, छोटे-बड़े सभी नालों की सफ़ाई, गंदगी को धोनेवाली ट्रेन चलाना, पटरियों पर बिछी गिट्टी साफ़ करना जैसी तैयारियाँ हो रही है। बीएमसी और अन्य मनपाओं की मदद से रेलवे क्षेत्र से जुड़े बड़े नालों की भी सफ़ाई हो रही है। अधिकारी के अनुसार इंडस्ट्री बंद होने और लोगों के लॉकडाउन होने के कारण कचरा भी अपेक्षाकृत कम है। 1,804 किमी तक निरीक्षण
सफ़ाई के अलावा पटरियों की मजबूती के लिए मध्य रेलवे पर अब तक 1,804 किमी पटरियों का निरीक्षण किया जा चुका है। कर्जत के पास जल-जमाववाले क्षेत्र में पटरियों के नीचे बॉक्स लगाया गया है, इससे जल-जमाव के दौरान ख़तरे के संकेत मिलेंगे। इन सभी कामों के अलावा क़रीब 800 पेड़ों की डालियां छांटी गई हैं।