महायुति का लहरा रहा है परचम, विक्रोली में सुनील राऊत सरस!

विक्रोली विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र में शिवसेना-भाजपा-आरपीआई महायुति के उम्मीदवार सुनील राऊत के पक्ष में जिस प्रकार से माहौल बना है, उसे देखते हुए सुनील राऊत की एकतरफा जीत दिखाई दे रही है। विक्रोली विधानसभा क्षेत्र में सुनील राऊत द्वारा किए गए विकास कार्यों के अलावा सभी जाति-धर्म के लोगों का उन्हें भरपूर समर्थन मिल रहा हैै। इसके अलावा २०१४ के विधानसभा चुनाव में मिले मतों के आधार पर भी राऊत का पलड़ा भारी दिखाई दे रहा है। २०१४ के विधानसभा चुनाव में शिवसेना-भाजपा ने अलग-अलग चुनाव लड़ा था। इस चुनाव में शिवसेना के सुनील राऊत को ५०,३०२ वोट मिले थे जबकि मनसे उम्मीदवार मंगेश सांगले को २४,९६३, राकांपा के संजय दीना पाटील को २०,२३३ और कांग्रेस को १८,०४६ वोट मिले थे। २०१९ के विधानसभा चुनाव में स्थिति ऐसी हो गई है कि मनसे की ताकत तकरीबन क्षीण हो गई है। राकांपा के तत्कालीन उम्मीदवार संजय दीना पाटील अब शिवसेना में शामिल हो गए हैं। इसके साथ ही महायुति के पक्ष में बयार बह रही है। राकांपा-कांग्रेस आघाड़ी के उम्मीदवार धनंजय पिसाल और वंचित बहुजन आघाड़ी के उम्मीदवार सिद्धार्थ मोकले एक-दूसरे की वोट काट रहे हैं। संजय दीना पाटील के शिवसेना में शामिल होने से शिवसेना-भाजपा महायुति उम्मीदवार राऊत की ताकत और बढ़ गई है इसलिए स्थानीय जनता का मानना है कि सुनील राऊत की विक्रोली विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र में जीत एकतरफा होगी।