महाराष्ट्र उद्योग में नंबर वन!

पेट पालने के लिए राज्य से बाहर गए युवक तीन वर्ष में आएंगे वापस

राज्य सरकार ने २०१९ से २०२४ तक आगामी पांच वर्ष के लिए उद्योग नीति घोषित की है। ग्लोबल इनवेस्टमेंट फोरम के माध्यम से विदेशी निवेश को अधिक से अधिक गति देते हुए एक्सपोर्ट प्रमोशनल काउंसिल के माध्यम से राज्य के उत्पादों के लिए निर्यात केंद्र बनाकर देने का महत्वपूर्ण निर्णय इस नीति के माध्यम से लिया गया है। उद्योग क्षेत्र में नंबर वन महाराष्ट्र में आगामी तीन वर्ष में भारी विकास होगा इसलिए पेट पालने के लिए राज्य के बाहर गए युवकों को यहीं रोजगार उपलब्ध होगा, ऐसा विश्वास इस उद्योग नीति को घोषित करते हुए व्यक्त किया गया।
शिवसेनापक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उद्योग मंत्री सुभाष देसाई की प्रमुख उपस्थिति में एक विशेष कार्यक्रम में आगामी पांच साल के लिए उद्योग नीति घोषित की गई। इस नीति के माध्यम से अधिक से अधिक उद्योगों को महाराष्ट्र की ओर आकर्षित करके ४० लाख रोजगार निर्माण किए जाएंगे। मुंबई, नागपुर, संभाजीनगर, नासिक, नई मुंबई के उद्यमियों से व्यापक चर्चा करके उद्योग नीति बनाए जाने की बात उद्योग मंत्री सुभाष देसाई ने कही।
राज्य में नई औद्योगिक नीति घोषित हुई है, जिसके कारण उद्योगपतियों को महाराष्ट्र में उद्योग शुरू करने का एक मंच उपलब्ध होनेवाला है। आगामी तीन वर्ष में महाराष्ट्र की इतनी प्रगति होगी कि रोजगार के लिए बाहर गए युवक वापस आएंगे, ऐसा विश्वास शिवेसनापक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दिलाया।

देश की प्रगति में महाराष्ट्र कभी आड़े नहीं आया – उद्धव ठाकरे
बीते कुछ दिनों से अचानक ही सरकार के अच्छे कार्य दिखने लगे हैं। शिवसेनापक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे के ऐसा कहते ही वहां उपस्थित लोगों में हंसी के ठहाके गूंज उठे। उन्होंने आगे कहा कि यह अवसर शिवसेना-भाजपा के संबंधों को लेकर बोलने का नहीं है। देश की प्रगति में महाराष्ट्र कभी आड़े नहीं आया। आज देश में राज्य आगे बढ़ रहा है। लोकसभा, विधानसभा चुनाव में हम ही फिर से सत्तासीन होंगे, ऐसा विश्वास व्यक्त करते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि जमीन व आसमान के बीच की खाई को पाटकर विकास का विमान तेजगति से उड़ेगा। उन्होंने आगे कहा कि आज तक महाराष्ट्र के प्रतिभाशाली युवक-युवतियां रोजगार के लिए अन्यत्र गए परंतु सही यशस्वी सरकार तभी साबित होगी, जब राज्य के युवाओं को रोजगार के लिए गांव, घर या राज्य छोड़ना न पड़े और उन्हें यहीं रोजगार मिले।

उद्योग नीति की विशेषताएं
 सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्योगों को प्रोत्साहन, निवेश की मर्यादा बढ़ी, टैक्स में सहूलियत
 मुख्यमंत्री रोजगार निर्माण कार्यक्रम अंतर्गत भूमिपुत्रों को स्वरोजगार होगा उपलब्ध
 ब़ड़ी और विशाल परियोजना को मिलेगी गति
 औद्योगिक मूलभूत सुविधा व विकास के लिए एक हजार करोड़ रुपए का प्रावधान
 २५ मिनी फूड पार्क, पांच बायोटेक पार्क बनेंगे।
 अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति और महिला उद्योगपतियों को प्राथमिकता
 औद्योगिक दृष्टि से पिछड़े क्षेत्र पर दिया जाएगा विशेष ध्यान।
 समृद्धि महामार्ग के दोनों भागों में बनेंगे २० नए इंडस्ट्री जोन।
 मैत्री सेवा का किया जाएगा सक्षमीकरण
 राज्य में बनेगा निर्यात केंद्र
 भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया होगी ऑनलाइन
 दस एकड़ से अधिक सभी क्षेत्रों के लिए होगा महाराष्ट्र औद्योगिक विकास महामंडल नियोजन प्राधिकरण।
 औद्योगिक क्षेत्र में मनुष्य बल की उत्पादकता बढ़ाने के लिए वॉट टू वर्क कल्चर को दिया जाएगा प्रोत्साहन।