" /> महाराष्ट्र कर रहा है कोरोना से कड़ा मुकाबला, समय आने पर सेना अस्पतालों की जरूरत पड़ेगी

महाराष्ट्र कर रहा है कोरोना से कड़ा मुकाबला, समय आने पर सेना अस्पतालों की जरूरत पड़ेगी

कोरोना वायरस से महाराष्ट्र कड़ा मुकाबला कर रहा है। अभी तक सभी चिकित्सकीय सुविधा राज्य में उपलब्ध हैं। लेकिन आगामी समय में क्वारंटाइन के लिए अधिक सुविधा के साथ ही दवाई, वेंटिलेटर्स और इलाज के लिए अस्पतालों की जरूरत पड़ेगी। इसके लिए समय आने पर सेना अस्पतालों की मदद लेनी पड़ सकती है। इस संदर्भ में उपाय योजना करने का निवेदन मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से वीडियो कॉन्प्रâेंस के जरिए की है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कल देश के विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों से वीडियो कॉन्प्रâेंसिंग के जरिए बातचीत की। इस दौरान मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को वीडियो कॉन्प्रâेंस में पहले बोलने का मौका दिया गया। इसके बाद अन्य राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने अपने विचार व्यक्त किए।
लैब बढ़ाने की जरूरत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा कि वर्तमान में ये रोग दूसरे चरण में है। तीसरे चरण में न जाने देने के लिए हमें उपाय योजनाओं की गति, जांच केंद्र और लैब की क्षमता बढ़ाने की जरूरत है।
समय पर उचित कदम उठाया गया
प्रधानमंत्री द्वारा किए गए जनता कर्फ्यू के आह्वान का सकारात्मक परिणाम हुआ है। महाराष्ट्र सरकार ने भी समय पर उचित कदम उठाते हुए कोरोना संक्रमण न बढ़े इसके लिए प्रयास किया है। मरीजों की संख्या भले ही कम दिखाई दे रही हो लेकिन इस रोग के बढ़ते प्रसार को देखते हुए हमें भ्रम में नहीं रहना है, ऐसा भी मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने स्पष्ट किया।
विदेश से आए हुए यात्री चुनौती
२२ मार्च से अंतर्राष्ट्रीय विमान सेवाएं बंद कर दी जाएंगी। तब तक २० से २५ हजार यात्री देश और राज्य में आएंगे। इन यात्रियों को क्वारंटाइन कर उनका इलाज करना होगा। इस दृष्टि से सुविधा बढ़ाने की जरूरत है। मुंबई, पुणे, नागपुर के अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट पर उतरे विदेशों से आए यात्री मिलेंगे। वे वाहनों से अपनी-अपनी जगहों पर जाने का प्रयास करेंगे। उन्हें रोकने की चुनौती हमारे सामने होगी। इस पर उपाय तलाशने की जरूरत है, ऐसा भी मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा।