महाराष्ट्र के हक का ४० हजार करोड़ कहां गया?

अस्सी घंटों की असली चालीसा : भाजपा सांसद ने ही खोली फसवणूक सरकार की पोल्!
 सांसद के मुंह से निकला सच
 फंड बचाने के लिए ड्रामा
 बहुत पहले से तय था नाटक

जब मन में खोट हो तो एक न एक दिन सच मुंह पर आ ही जाता है। महाराष्ट्र के किसानों और व्यापारियों से लेकर आम जनता तक को त्रस्त करनेवाली तत्कालीन देवेंद्र `फसवणूक’ सरकार की एक और पोल खुद भाजपा के ही सांसद ने खोल दी है। अपने बयान में भाजपा सांसद ने महाराष्ट्र के हक के ४० हजार करोड़ रुपए की असली `चालीसा’ का रहस्योद्घाटन करते हुए बताया कि सिर्फ अस्सी घंटों के लिए आखिर फडणवीस मुख्यमंत्री क्यों बने थे? सांसद का दावा है कि केवल इसी ४० हजार करोड़ के लिए रातोंरात फडणवीस को मुख्यमंत्री बनाने की जद्दोजहद की गई वरना ये पैसा भावी सरकार को मिल जाता और केंद्र सरकार ऐसा नहीं चाहती थी।
भारतीय जनता पार्टी के सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री अनंत हेगड़े का दावा है कि महाराष्ट्र में भाजपा ने फडणवीस को ४० हजार करोड़ का फंड बचाने के लिए मुख्यमंत्री बनाकर ड्रामा किया। हेगड़े ने कहा है कि आप सभी जानते हैं कि महाराष्ट्र में हमारा आदमी (फडणवीस) ८० घंटे के लिए मुख्यमंत्री बना और उसके बाद इस्तीफा दे दिया। उन्होंने यह नाटक क्यों किया? क्या हमें नहीं पता था कि हमारे पास बहुमत नहीं था और फिर भी वह सीएम बन गए? यह वह सवाल है जो हर कोई पूछता है।’ हेगड़े ने कहा, `सीएम के पास करीब ४० हजार करोड़ की केंद्र की राशि थी। अगर कांग्रेस, राष्ट्रवादी कांग्रेस और शिवसेना सत्ता में आती तो वे ४० हजार करोड़ का दुरुपयोग करते। यही कारण है कि केंद्र सरकार के इस पैसे को विकास के लिए इस्तेमाल में नहीं लाया जा सके, इसके लिए ड्रामा किया गया।’ उन्होंने कहा, `बहुत पहले से भाजपा की यह योजना थी इसलिए यह तय किया गया कि एक नाटक होना चाहिए और इसी के तहत फडणवीस ने सीएम पद की शपथ ली। शपथ लेने के १५ घंटे के अंदर फडणवीस ने सभी ४० हजार करोड़ रुपयों को उस जगह पर पहुंचा दिया जहां से वो आए थे। इस तरह फडणवीस ने सारा पैसा वापस केंद्र सरकार को देकर बचा लिया। कांग्रेस प्रवक्ता सचिन सावंत ने कहा कि भाजपा सांसद ने खुद यह खुलासा किया है कि ८० घंटे की सरकार क्यों बनाई गई थी? यह गंभीर विषय है। इस बात की सच्चाई महाराष्ट्र की जनता के सामने आनी चाहिए कि आखिर देवेंद्र फडणवीस ने ऐसा क्यों किया? देश का कोई भी मुख्यमंत्री इस तरह की घटना को अंजाम नहीं दिया होगा, जो देवेंद्र फडणवीस ने दिया। इसका खुलासा फडणवीस को करना चाहिए। फडणवीस के खुलासा पर विश्वास करना भी मुश्किल है? मुंबई राकांपा अध्यक्ष व प्रवक्ता नवाब मलिक ने कहा कि महाराष्ट्र में ४० हजार करोड़ रुपए आने के बाद वापस भेजना संभव नहीं है, अगर ४० हजार करोड़ रुपए आकर वापस गया होगा तो महाराष्ट्र की जनता इसे सहन नहीं करेगी। यह केवल महाराष्ट्र ही नहीं देश के अन्य राज्यों पर भी अन्याय है। फडणवीस तो चले गए, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी इस मामले में इस्तीफा देना पड़ेगा, ऐसा मत नवाब मलिक ने व्यक्त किया। केंद्र को ४० हजार करोड़ रुपए की निधि वापस भेजनेवाले फडणवीस बहुमत न होते हुए मुख्यमंत्री थे, ऐसा दावा भाजपा सांसद हेगड़े ने किया है। हेगड़े के दावे पर प्रतिक्रिया देते हुए शिवसेना विधायक अब्दुल सत्तार ने कहा कि अगर फडणवीस ने केंद्र से मिली निधि वापस भेजी है तो यह क्लेशदायक है। इस मामले को नागपुर के शीतकालीन अधिवेशन में उठाएंगे। हालांकि विरोधी दल नेता देवेंद्र फडणवीस ने खुलासा किया है कि किसी भी प्रकार की निधि केंद्र को वापस नहीं भेजी है न ही ८० घंटे के मुख्यमंत्री के कार्यकाल में कोई भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।